पश्चिम बंगाल में सोमवार को विश्व भारती विश्वविद्यालय परिसर के पौष मेला मैदान में चाहरदीवारी के निर्माण के विरोध को लेकर हुए हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह वहां किसी भी तरह का निर्माण नहीं चाहती हैं। साथ ही पुलिस को इस संबंध में सभी पक्षकारों की बैठक बुलाने का निर्देश दिया।
विश्व भारती को केंद्रीय विश्वविद्यालय बताते हुए बनर्जी ने कहा कि पौष मेला मैदान पर हिंसा को लेकर सोमवार को उनकी राज्यपाल से बात हुई और उन्होंने राज्यपाल को बताया कि इस मामले में राज्य सरकार की सीमित भूमिका थी। राज्यपाल के साथ चचाई के दौरान मैंने उन्हें बताया कि नोबेल विजेता रबींद्रनाथ टैगोर ने इसकी स्थापना सभी पर्वों को मनाने के दृष्टिकोण से की थी।
उन्हें बताया कि मैं वहां किसी भी तरह का निर्माण नहीं चाहती। इससे पहले भी परिसर में सेमिनार को लेकर समस्या हुई थी... मैंने एसपी को निर्देश दिए हैं कि वह इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की बैठक बुलाए।
दीवार बनाने से हुए हंगामा
बीरभूम स्थित विश्व भारती में सोमवार सुबह बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और चाहरदीवार बनाए जाने के विरोध में उन्होंने विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए तोड़फोड़ की। सू्त्रों के मुताबिक शरद ऋतु में इस मैदान में सालाना पौष मेला आयोजित होता है और विश्वविद्यालय प्रशासन ने यहां चारदीवारी निर्माण का निर्णय लिया था जो आज सुबह शुरू हुआ। इस साल पर्यावरण संबंधी चिंताओं के चलते मेले के आयोजन का रद्द कर दिया गया था।
धनखड़ ने जताई थी नाराजगी
राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने विश्व भारती विश्वविद्यालय में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी। राज्यपाल ने अपने ट्वीट में लिखा, विश्व भारती में कानून और व्यवस्था चिंताजनक है। विद्या के मंदिर में शांति बनाए रखने के लिए मैं मुख्यमंत्री से संपर्क करने की कोशिश कर रहा हूं। वीसी के मुताबिक कुछ अराजक तत्वों ने परिसर में घुसकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है।
कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, जिलाधिकारी, एसपी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विश्व भारती की कॉल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इससे पहले दिन में, मेला मैदान के पास एक दीवार के निर्माण को लेकर विश्वविद्यालय में हंगामा हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। हालांकि राज्यपाल ने एक ट्वीट कर कहा, अभी-अभी मुख्यमंत्री से विश्व भारती में बिगड़ते कानून और खराब व्यवस्था पर चर्चा हुई। उन्होंने आश्वस्त किया है कि प्रशासन कानून और व्यवस्था को बहाल करने के लिए हर कदम उठाएगा। मुझे विश्वास है कि जिन्हें यह जिम्मेदारी दी जाएगी वह इसे बखूबी निभाएंगे।