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Kolkata: 'हिजाब' पहनने से मना करने पर शिक्षिका का इस्तीफा, बात फैली तो कॉलेज प्रशासन ने ऐसे बचाया अपना गला

Tue, 11 Jun 2024 05:14 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

संजीदा कादर पिछले तीन सालों से एलजेडी लॉ कॉलेज में बतौर शिक्षिका कार्यरत थीं। इस साल मार्च-अप्रैल से वह कार्यस्थल पर हेडस्कार्फ पहनकर पहुंच रही थीं। इस बीच कॉलेज के अधिकारियों ने उन्हें 31 मई के बाद कार्यस्थल पर हिजाब न पहनने का निर्देश दिया था। इस निर्देश के बाद संजीदा ने 5 जून को अपना इस्तीफा दे दिया।
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हिजाब को लेकर हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कलकत्ता विश्वविद्यालय से संबद्ध एलजेडी लॉ कॉलेज की शिक्षिका संजीदा कादर ने इस बात से दुखी होकर पांच जून को इस्तीफा दे दिया, क्योंकि उन्हें कॉलेज अधिकारियों ने 31 मई के बाद कार्यस्थल पर हिजाब पहनकर आने से मना किया था। इस बीच शिक्षिका ने कॉलेज आना भी बंद कर दिया। हालांकि, मामला सार्वजनिक होने पर हंगामा मचता देख कॉलेज अधिकारियों ने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने दावा किया कि गलत संचार की वजह से ये सब हुआ है। शिक्षिका अपना इस्तीफा वापस लेने के बाद 11 जून से कॉलेज वापस आएंगी। 

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जानकारी के अनुसार, संजीदा कादर पिछले तीन सालों से एलजेडी लॉ कॉलेज में बतौर शिक्षिका कार्यरत थीं। इस साल मार्च-अप्रैल से वह कार्यस्थल पर हेडस्कार्फ पहनकर पहुंच रही थीं। इस बीच कॉलेज के अधिकारियों ने उन्हें 31 मई के बाद कार्यस्थल पर हिजाब न पहनने का निर्देश दिया था। इस निर्देश के बाद संजीदा ने 5 जून को अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि कॉलेज गवर्निंग बॉडी के आदेश से मेरे मूल्यों और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है, जिसके चलते मैंने इस्तीफा देने का कदम उठाया। 
मामला तूल पकड़ता देख संजीदा को कार्यालय से भेजा गया ई-मेल
सूत्रों के अनुसार, संजीदा का इस्तीफा सार्वजनिक होने के बाद मामला तूल पकड़ता देख कॉलेज अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया। इस दौरान कॉलेज अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि यह केवल एक गलत संचार था। उन्होंने संजीदा को स्पष्ट किया कि काम के घंटों के दौरान सिर को कपड़े से ढकने के लिए उन्हें कभी मना नहीं किया गया था। संजीदा ने कहा कि मुझे सोमवार को कार्यालय से एक ई-मेल मिला, जिसमें कहा गया कि सभी संकाय सदस्यों के लिए ड्रेस कोड के अनुसार, जिसकी समय-समय पर समीक्षा और मूल्यांकन किया जाता है, वह कक्षाएं लेते समय अपना सिर ढकने के लिए दुपट्टे या स्कार्फ का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र थीं। हालांकि, संजीदा ने स्पष्ट किया कि वह ई-मेल पर विचार करने के बाद आगे का फैसला करेंगी। उन्होंने कहा कि मैं मंगलवार को कॉलेज नहीं जाऊंगी। 
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कॉलेज के अधिकारी सभी की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हैं
कॉलेज गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष गोपाल दास ने कहा कि प्रारंभिक घटनाक्रम कुछ गलत संचार का परिणाम था। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई निर्देश या निषेध नहीं था। कॉलेज के अधिकारी प्रत्येक हितधारक की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हैं। वह मंगलवार से कक्षाएं फिर से शुरू करेंगी। कोई गलतफहमी नहीं है। हमने उनके साथ लंबी चर्चा की है।

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