नौ जिंदगियों की बलि लेने वाले कोलकाता अग्निकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फरारी, बंद फोन और सीज बैंक खातों के बीच कैसे गिरफ्त में आया होटल मालिक बीरेश्वर मित्रा? पुलिस ने क्या-क्या कहा? जानिए पूरा घटनाक्रम...
कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में स्थित 'शिखा इन' होटल में आग लगने से नौ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। मृतकों में सात बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे। इस भयानक हादसे के बाद से ही होटल का मालिक बीरेश्वर मित्रा लगातार फरार चल रहा था। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही थीं। आखिरकार शनिवार को कोलकाता पुलिस ने उसे उसके बेहाला स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
आग की सूचना मिलते ही भागा धनबाद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार देर रात जब होटल में आग लगी, तब कर्मचारियों ने बीरेश्वर को तुरंत फोन पर इसकी जानकारी दी थी। वह कुछ देर के लिए वह घटनास्थल के पास पहुंचा भी, लेकिन स्थिति देखकर वहां से रफूचक्कर हो गया। इसके बाद वह अपनी कार से सीधे झारखंड के धनबाद भाग गया। धनबाद में उसके कुछ कर्मचारियों के मकान थे, जहां उसने शरण ली। पुलिस से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन भी पूरी तरह स्विच ऑफ कर लिया था।
बैंक खाते सीज हुए तो पड़ा पैसों का टोटा
जांच में जुटी पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए उसके दो बैंक खातों को सीज कर दिया था। जांच अधिकारियों का मानना है कि खातों के फ्रीज होने से बीरेश्वर को पैसों की भारी किल्लत होने लगी थी। आर्थिक तंगी से परेशान होकर ही वह शनिवार को डायमंड हार्बर रोड पर स्थित अपने घर वापस लौटा था। पुलिस को जैसे ही उसके आने की भनक लगी, टीम ने दबिश देकर उसे धर दबोचा। फिलहाल पुलिस उससे फरारी और लौटने के घटनाक्रम पर पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन
नियमों की धज्जियां उड़ाकर बने थे कमरे
जांच में होटल की कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। करीब 1,100 वर्ग फुट के छोटे से इलाके में अटैच बाथरूम वाले ढेरों कमरे बना दिए गए थे। इमारत में फायर सेफ्टी के बुनियादी नियमों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा था। पुलिस इससे पहले बीरेश्वर की तलाश में दीघा और मंदारमनी स्थित उसके दो अन्य होटलों में भी छापेमारी कर चुकी थी। इसके अलावा इसी इमारत की पांचवीं मंजिल को लीज पर लेने वाले उमेश सिंह और जितेन सिंह से भी पुलिस पूछताछ कर रही है।
किराये पर होटल चलाने वाला पहले ही गिरफ्तार
बीरेश्वर मित्रा न्यू मार्केट में 'शिखा इन' के अलावा सामने मौजूद 'जापों' नाम का एक और होटल भी चलाता है। उसने 'शिखा इन' को अबू जफर नाम के व्यक्ति को 40,000 रुपये महीने के किराये पर लीज पर दिया था। पुलिस इस मामले में अबू जफर को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।