पश्चिम बंगाल में तेजी से बढ़ रहे मादक पदार्थों के व्यापार को देखते हुए कोलकाता उच्च न्यायालय ने पुलिस को फटकार लगाई है। न्यायालय ने कहा है कि जब तक पुलिस इन मामलों पर गंभीरता नहीं दिखाएगी, तब तक इससे निपटा नहीं जा सकता।
न्यायाधीश संजीव बनर्जी और अनिरुद्ध रॉय की पीठ ने कहा कि राज्य पुलिस को इन मामलों में जांच को गंभीरता से लेते हुए गिरफ्तारियों पर भी जोर देना चाहिए। पीठ ने आगे कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस की ओर से जानबूझकर बड़ी मछली को बचाने के लिए छोटे-छोटे तस्करों को छोड़ देती है।
न्यायालय ने शुक्रवार को पुलिस को निर्देश दिया कि किसी अभियुक्त की जमानत याचिका के वर्तमान मामले में आदेश की एक प्रति पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और एक अन्य राज्य के पुलिस महानिदेशक को भेजी जाए।
पीठ ने यह भी कहा कि कुछ मामलों को जांच एजेंसी द्वारा इस तरह प्रस्तुत किया जाता है कि अदालत के पास जमानत देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। दुर्भाग्यवश, गुनहगार कानून के पंजे से छूट जाता है।