जी-20 बैठक की शुरुआत सोमवार को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के संबोधन से हुई थी। ममता ने वैश्विक एकजुटता का संदेश देते हुए कहा था कि लोगों की तरक्की के बिना दुनिया का विकास संभव नहीं है।
कोलकाता में जी-20 की तीन दिवसीय बैठक बुधवार को गहन चर्चा के साथ संपन्न हो गई है। इस दौरान डिजिटल सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय समावेशन पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया। इसके साथ ही एमएसएमई क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जी-20 बैठक के आयोजन स्थल विश्व बांग्ला कंवेंशन सेंटर में वित्तीय समावेशन में डिजिटल नवाचार विषय पर एक प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। भारत समेत 19 देशों व यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने विभिन्न सत्रों में हिस्सा लिया।
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जी-20 बैठक की शुरुआत सोमवार को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के संबोधन से हुई थी। ममता ने वैश्विक एकजुटता का संदेश देते हुए कहा था कि लोगों की तरक्की के बिना दुनिया का विकास संभव नहीं है। बैठक के दूसरे दिन मंगलवार को केंद्रीय जनजतीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने वित्तीय शिक्षा व साक्षरता पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए कहा, देश की समृद्धि और खुशहाली के लिए डिजिटल शिक्षा और साक्षरता बहुत जरूरी है। उस सत्र में कोलकाता व आसपास के दो हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था। जी-20 बैठक के तहत विभिन्न सत्रों में वित्तीय उत्पादों, बैंकिंग, डिजिटल बैंकिंग, साइबर खतरे और उससे निपटने के तरीकों के बारे में भी बताया गया।
बुधवार को तीसरे और अंतिम दिन भी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और वित्तीय समावेशन पर कई सत्रों का आयोजन हुआ। विदेशों से भेजे जाने वाले रुपये पर लगने वाला शुल्क कम करने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ जन केद्रित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई है।