पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद बंगाल सरकार ने राहत और सुरक्षा से जुड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले 19 लोगों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में रखा गया है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, मृतकों में से 18 पश्चिम बंगाल के निवासी थे। प्रशासन की प्राथमिकता शवों का पोस्टमार्टम कराने और उन्हें परिजनों को सौंपने की थी। उन्होंने बताया कि अब तक आठ से नौ शव परिवारों को सौंपे जा चुके हैं।
पंडालों में VIP एंट्री पर लग सकती है रोक
हादसे के बाद पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार सख्ती बरतने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पंडालों में दर्शकों के प्रवेश को सीमित किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हालिया घटना को देखते हुए वीआईपी प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में बनेगी तथ्य-जांच टीम
मुख्यमंत्री ने बताया कि घटना की जांच के लिए गठित तथ्य-जांच टीम की अगुवाई उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश करेंगे। वहीं, पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज कर लिया है। सरकार ने पुलिस को लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
मृतकों के परिजनों को मिलेगा 25 लाख रुपये का मुआवजा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, घटना में घायल हुए 25 लोगों के परिवारों को भी 5-5 लाख रुपये के चेक दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 26 अक्तूबर को आयोजित होने वाले विजय सम्मेलन कार्यक्रम के दौरान मृतकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसी कार्यक्रम में घायलों के परिवारों को मुआवजे के चेक सौंपने की भी योजना है।
छह आरोपी गिरफ्तार, दो घायल ICU में
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रावधानों के तहत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। मामले में पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। हादसे में घायल हुए 25 लोगों में से दो की हालत ऐसी है कि उन्हें फिलहाल आईसीयू में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हालात से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
शव परिजनों को सौंपने के लिए तैनात किए गए मजिस्ट्रेट
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि मृतकों के शव उनके परिवारों को सौंपने की प्रक्रिया में मदद के लिए अलग-अलग स्थानों पर मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों को तैनात किया गया है। ये अधिकारी परिजनों के साथ श्मशान घाट तक भी जाएंगे, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में उन्हें सहायता मिल सके।