कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने मंगलवार को कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के खिलाफ हमला बोला। चौधरी ने कहा कि हकीम को निर्माणाधीन इमारत के गिरने के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हकीम को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। हकीम को मेयर पद से नहीं बर्खास्त करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भी आलोचना की। बता दें, सोमवार एक निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत ढह गई थी, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई थी।
फिरहाद घटना में हुई मौतों के लिए जिम्मेदार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी ने कहा कि फिरहाद हकीम ने अपराध किया है। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? अगर उनमें जरा भी नैतिकता है तो उन्हें अब इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो इमारत गिरी, वह अवैध रूप से एक तालाब को भरकर बनाई जा रही थी। चौधरी ने कहा कि फिरहाद घटना में हुई मौतों के लिए जिम्मेदार है। इमारत बनाते समय नियमों का उल्लंघन किया गया, जिस वजह से निर्माणाधीन इमारत ढह गई। अगर बनर्जी में जरा भी नैतिकता है तो उन्हें मेयर की कुर्सी से हटा देना चाहिए था। टीएमसी कोलकाता के असंख्य लोगों के भविष्य के साथ खेल रही थी।
यह है पूरा मामला
सोमवार तड़के गिरे इमारत के मलबे से मंगलवार शाम को एक और व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। हादसे में मृतकों की संख्या कुल 10 हो गई है और घायलों की कुल संख्या 17 है। हालांकि, दो व्यक्ति अब भी लापता हैं। पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपी जमीन के मालिक को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को आज अदालत में पेश किया जाएगा। हालांकि, बिल्डर को सोमवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। अदालत ने उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
सीएए पर भी चौधरी ने साधा निशाना
इसके अलावा, चौधरी ने सीएए का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संसद में सीएए का विरोध कर रही है। सीएए का उद्देश्य लोगों को भ्रमित करना, उन्हें धर्म के आधार पर विभाजित करके वोट प्राप्त करना है। उनका दावा है कि कांग्रेस ने 1955 में नागरिकता से जुड़े सभी भ्रमों को दूर कर दिया था। किसी को कोई समस्या नहीं थी। अब लोगों को अपनी नागरिकता के लिए नए सिरे से आवेदन करना पड़ेगा। मुझे इसके पीछे का कोई कारण समझ नहीं आ रहा है।