पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश में दिपु चंद्र दास की बेरहमी से हत्या के विरोध में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि 24 दिसंबर को सीमा पर और 26 दिसंबर को हाई कमीशन के बाहर विरोध किया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि हिंदुओं पर अत्याचार को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
बांग्लादेश में जारी हिंसा और अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रहे अत्याचार की खबरों ने भारत की राजनीति में गर्माहट तेज कर दी है। इसका बड़ा असर सोमवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में देखने को मिला। जहां भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश में दिपु चंद्र दास की हत्या के विरोध में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में दास को जिंदा जलाया गया और बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई, ऐसा हम कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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इस दौरान उन्होंने ने कहा कि 24 दिसंबर को सीमा पर एक घंटे का विरोध होगा और 26 दिसंबर को बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर फिर प्रदर्शन किया जाएगा। सुभेंदु अधिकारी ने आगे बांग्लादेशी सरकार को चेतावनी दी कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
एसआईआर के मुद्दे पर भी बोले शुभेंदु
इसके साथ ही भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में हो रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी पश्चिम बंगाल सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एसआईआर के खिलाफ टीएमसी लगातार विरोध कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार अल्पसंख्यक वोटों के लिए फिर से भेदभावपूर्ण राजनीति कर रही है।
'सीएए और वक्फ विधेयक के दौरान हिंदुओं पर हुए हमले'
अधिकारी ने आगे इस बात पर भी जोर दिया कि सीएए और वक्फ विधेयक के दौरान हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार हुए, सरकारी संपत्ति को आग लगाई गई और लूटपाट हुई। उन्होंने ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि एसआईआर में किसी भारतीय का नाम हटाया नहीं गया है।