केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला और विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को मृतक जयबालकृष्णन के परिवार से मुलाकात की। बता दें कि मर्सिडीज-बेंज कार ने उनके स्कूटर को टक्कर मार दी थी। इससे उनकी मौत हो गई। आरोप है कि कार को एक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नाबालिग बेटे ने चलाया था। मुलाकात के दौरान नेताओं ने परिवार को भरोसा दिलाया कि आरोपी की सामाजिक या आर्थिक स्थिति चाहे जो भी हो, उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।
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गृह मंत्री चेन्निथला के साथ एर्नाकुलम के सांसद हिबी ईडन, विधायक टी.जे. विनोद और कोच्चि शहर की पुलिस आयुक्त आर. निशांतिनी भी मौजूद थीं। इन सभी ने सुबह जयबालकृष्णन के घर जाकर उनके परिवार के सदस्यों से बातचीत की। यह दुर्घटना बीते 25 अक्तूबर को कोच्चि में हुई थी, जब एक मर्सिडीज-बेंज कार ने दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी इससे उनकी मौत हो गई।
पीड़ित परिवार का क्या था आरोप?
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया था कि मामले को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। दरअसल, 17 वर्षीय आरोपी को शुरुआत में ही पुलिस थाने से जमानत मिल गई थी, जिसके बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और जवाबदेही पर सवाल उठाए। बाद में कुछ और धाराएं जोड़े जाने के बाद नाबालिग को हिरासत में लिया गया, लेकिन बाद में किशोर न्याय बोर्ड (जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड) ने उसे जमानत दे दी। आरोपी के पिता, जो एक न्यायाधीश हैं, उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया गया। हालांकि, केरल उच्च न्यायालय ने पुलिस को उन्हें गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया।
गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने क्या कहा?
परिवार से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए चेन्निथला ने कहा कि परिवार चल रही जांच से संतुष्ट है और सरकार उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, 'जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को परिवार से मुलाकात की थी और आज मैं यहां आया हूं। पूरी सरकार परिवार के साथ खड़ी है।'
उन्होंने कहा कि आम लोगों को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है और कानून लागू करते समय अमीर या गरीब के बीच कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। यह एक गरीब परिवार है। जाहिर है, जब आरोपी के पिता एक जज हों तो उन्हें मुश्किलें और चिंताएं हो सकती हैं। मैं उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि न्याय दिलाने के लिए हम पूरी तरह से उनके साथ खड़े रहेंगे। इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए। कानून और न्याय सभी के लिए बराबर हैं, चाहे वह कोई जज हो या आम नागरिक।
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शाम को पिनराई विजयन ने बालकृष्णन के घर जाकर उनके परिवार से मुलाकात की। विजयन ने बताया कि मृतक के परिवार की शुरू से ही यह शिकायत रही है कि जांच ठीक से नहीं हो रही है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री और गृह मंत्री से मिलने के बावजूद, परिवार को लगता है कि कार्यवाही में उतनी सतर्कता नहीं बरती जा रही है, जितनी जरूरी है।' विजयन ने कहा कि लोगों के बीच यह आम धारणा है कि प्रभावशाली और अमीर लोग कुछ भी करके बच निकल सकते हैं।