मेयर ने कहा कि मामले की जांच होने दें। गलत काम करने वाले, यदि कोई हैं, तो स्वाभाविक रूप से पता चल जाएगा। ब्रह्मपुरम में आग बुझाने का पूरा खर्च निगम ने उठाया।
कोच्चि के ब्रह्मपुरम अपशिष्ट संयंत्र में आग को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पर्यावरण मुआवजे के रूप में कोच्चि कॉरपोरेशन को 100 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया था। जिसको लेकर अब मेयर का बयान सामने आया है। कोच्चि के मेयर एम अनिल कुमार ने कहा कि एनजीटी ने बिना मुआवजा तय किए जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है।
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आगे उन्होंने कहा कि एनजीटी के आदेश को कोच्चि कॉरपोरेशन चुनौती देगी। कानूनी विशेषज्ञों के परामर्श से अपील दायर की जाएगी। हम सभी संभावित कानूनी रास्ते देखेंगे। साथ ही मेयर एम अनिल ने कहा कि पिछली नगरपालिका परिषदों को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने अपशिष्ट संयंत्र में एक रुपये का रखरखाव क्यों नहीं किया, समस्या इसलिए हुई क्योंकि पिछली नगरपालिका परिषदों ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की अनदेखी की।
साथ ही मेयर ने कहा कि मामले की जांच होने दें। गलत काम करने वाले, यदि कोई हैं, तो स्वाभाविक रूप से पता चल जाएगा। ब्रह्मपुरम में आग बुझाने का पूरा खर्च निगम ने उठाया। राशि आने वाले दिनों में बताई जाएगी। इससे पहले न्यायाधिकरण ने कोच्चि निगम को एक महीने के भीतर राशि का भुगतान करने का आदेश दिया। ट्रिब्यूनल ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है। इसमें कहा गया है कि एनजीटी मूक दर्शक नहीं है।
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स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करे सरकार
इससे पहले केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने राज्य सरकार से कोच्चि में ब्रह्मपुरम अपशिष्ट संयंत्र के आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करने का आग्रह किया था। साथ ही उन्होंने दावा किया था कि कचरे के टीले की आग से जहरीले धुएं ने लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा की हैं, उसके आसपास के लिए लोगों के लिए रहना मुश्किल हो गया है। सतीशन ने कहा कि क्षेत्र में तत्काल स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया जाना चाहिए और वहां वायु प्रदूषण के स्तर का परीक्षण करने के बाद पर्याप्त उपचार उपाय किए जाने चाहिए।