हृदय प्रत्यारोपण (सांकेतिक तस्वीर)
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कोच्चि के लिसी अस्पताल के डॉक्टरों ने गुरुवार को एक मरीज को नई जिंदगी दी। यहां डॉक्टरों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में हृदय प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक पूरा किया। यह हृदय तिरुवनंतपुरम से हेलिकॉप्टर के जरिए मंगवाया गया था, जिसमें केरल सरकार और पुलिस विभाग का सक्रिय सहयोग मिला।
मरकर भी कई लोगों को जिंदगी दे गए इशाक
कोट्टाराकारा निवासी इशाक, जिनका एक सड़क दुर्घटना के बाद ब्रेन डेड घोषित किया गया था> तिरुवनंतपुरम स्थित केआईएमएस अस्पताल में उनके निधन के बाद उनके परिवार ने उनके अंगदान का फैसला किया। इशाक के परिजनों के इस निर्णय से कई मरीजों को नई जिंदगी मिल गई। ऐसे ही लोगों में एक थे अंगमाली निवासी 28 वर्षीय अजिन। जिन्हें इशाक का हृदय प्रत्यारोपित किया गया। अजिन दुर्लभ ‘कावासाकी रोग’ से पीड़ित थे, जिससे उनकी हृदय की धमनियों में गंभीर सूजन हो गई थी।
हेलिकॉप्टर से तिरुवनंतपुरम से कोच्चि लाया गया हृदय
बुधवार देर रात लिसी अस्पताल को अंगदान नेटवर्क मृतसंजीवनी-केएसओटीटीओ से जानकारी मिली। इसके बाद तुरंत प्रक्रिया शुरू हुई। अस्पताल निदेशक फ्र. पॉल करेड़न ने उद्योग मंत्री पी. राजीव से संपर्क किया, जिन्होंने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से बात कर पुलिस के लिए किराए पर लिए गए हेलिकॉप्टर को निशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई। सुबह 8 बजे केआईएमस अस्पताल में डॉ. जैकब अब्राहम की अगुवाई में टीम ने हृदय निकाला। दोपहर 12.35 बजे हेलिकॉप्टर अंग लेकर तिरुवनंतपुरम से उड़ा और 1.30 बजे कोच्चि के एक होटल हेलीपैड पर उतरा। पुलिस द्वारा तैयार ग्रीन कॉरिडोर के जरिए सिर्फ चार मिनट में अंग लिसी अस्पताल पहुंच गया। जिसके बाद डॉ. पेरियप्पुरम की टीम ने सर्जरी शुरू कर शाम 7 बजे इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। अब उन्होंने बताया है कि अगले 48 घंटे मरीज के लिए काफी ज्यादा अहम हैं।
सीएम ने इशाक के परिवार की सराहना की
वहीं, मुख्यमंत्री पी विजयन ने इशाक और उनके परिवारीजनों की सराहना की है। सीएम ने कहा कि यह प्रेरणादायी है कि इशाक ने पहले ही अंगदान की इच्छा जताई थी। उनके लिवर, किडनी और कॉर्निया ने दो लोगों को आंखों की रोशनी और चार मरीजों को जीवन का उपहार दिया। इसाक वास्तव में अमर हो गए।