एस-400 को 2007 में रूस अपनी सेना में शामिल कर चुका है। चीन पहले ही रूस से एस-400 मिसाइल की आपूर्ति शुरू कर चुका है। तुर्की भी रूस से एस-400 मिसाइल का सौदा कर चुका है। सऊदी अरब, कतर, बेलारूस और मिस्र भी इसे खरीदने के इच्छुक हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कि इस मिसाइल में ऐसा क्या खास है कि दुनिया के कई देश इसे खरीदने की इच्छा रखते हैं-