घाटे की मार से जूझ रही एयर इंडिया एयरलाइंस ने इसकी पूर्ति के लिए किसी भी हद तक जाने को राजी है। चौंका देने वाली बात है एयरलाइंस ने जिस चीज की कटौती फ्लाइट्स में की है उससे शायद ही वो घाटे की पूर्ति कर पाए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयरलाइंस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स की इकोनॉमी क्लास में सलाद में कटौती कर दी है। इतन ही नहीं यात्रियों को अब पढ़ने के लिए मैग्जीन्स भी कम दी जाएगी।
बताया जा रहा है कि एयरलाइंस करीब 52 हजार करोड़ के घाटे में चल रही है और वो इस घाटे की पूर्ति थोड़ी बहुत इन तरीकों से करना चाहती है। सलाद और मैग्जीन्स की कटौती के बाद सवालों में आने पर एयर इंडिया ने सफाई पेश की है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक एयरलाइंस के ऑफिसियल कम्यूनिकेशन अधिकारी ने बताया कि ये फैसला सलाद के खराब जाने की वजह से लिया है।
दरअसल, इंटरनेशनल फ्लाइंस में दी जाने वाली सलाद सिर्फ 20 फीसदी ही खाई जाती है और बेकार जाती है, इसलिए इसे न देने का फैसला लिया गया है। वहीं मैग्जीन्स के लिए बताया कि ज्यादा होने की वजह से इनका भार फ्लाइट्स पर पढ़ता है, इसलिए इन्हें कम कर दिया गया है।
बताया जा रहा है कि एयर इंडिया का स्टाफ एयरलाइंस के प्राइवेट हाथों में न जाने के लिए हर कोशिश कर रहा है। इसके लिए वो एयरलाइंस के रेवन्यू में रिकवरी के लिए लगा हुआ है। इतना ही नहीं एयर इंडिया के सभी अधिकारियों के कथित तौर पर बचाने की हर संभव कोशिश की एक मेल भी भेजी गई हैा साथ ही एयर इंडिया के सीनियर पायलट सुभाष मजूमदार ने एविएशन मिनिस्ट्री को एयरलाइंस मैनेजमेंट के लिए मशवरे से जुड़ा एक लेटर भी लिखा है।