हाल ही में एक शख्स ने राजीनितक दल का प्रतिनिधि होने का दावा करते हुए एक आर्टिफिशल इंटेलिजेंस इंजिनियर से अपील करते हुए डीपफेक वीडियो बनाने के लिए कहा। उसने प्रोपेगेंडा के लिए ऐसा किया। डिजिटल क्षेत्र में नया माने जाने वाले डीपफेक एक फेक न्यूज है। इसका चलन भारत ही नहीं पूरे विश्व में जोरों से बढ़ रहा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक हाल ही में बॉलीवुड स्टार प्रियंका चोपड़ा भी डीपफेक की शिकार हो चुकी हैं।
पहले वीडियो में किसी भी व्यक्ति के चेहरे को दूसरे के चेहरे पर लगाने का चलन आया था, लेकिन अब डीपफेक की मदद से हाव-भाव भी बदले जा सकते हैं। इसमें आर्टिफिशल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाता है। पिछले हफ्ते ऐसा ही अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का वीडियो सामने आया था, जिसमें वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपशब्द कहते हुए दिखे थे।
यह एक डीपफेक वीडियो था, इससे कोई भी धोखा खा सकता है, क्योंकि इसमें चेहरा बहुत सफाई से बदला जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे बजफीड के साथ मिलकर जॉर्डन पीले ने बनाया था और संदेश दिया की ऐसे वीडियो पर तुरंत विश्वास न करें।
डीपफेक वीडियो बनाने के लिए फेकऐप जैसे साइबर टूल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसकी मदद से कुछ ही घंटों में फेक वीडिया बनाया जा सकता है। इसका असर सीधे पॉर्न इंडस्ट्री में दिखा है, जहां किसी की बॉडी पर किसी का चेहरा लगाकर दिखाया जा सकता है। यहां हाव-भाव भी असली दिखते हैं।
एक एक्सपर्ट का कहना है कि ये फेक वीडियो इतनी सफाई से बनाई जाती है कि फॉरेंसिक टूल्स भी इसमें हुए फर्जीवाड़े को पहचान नहीं पाते। आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया हेड अंकित लाल कहते हैं. 'हम डीपफेक्स के खतरों को लेकर सतर्क हैं, लेकिन मीडिया और आम जनता नहीं। किसी मीडिया हाउस को अरविंद केजरीवाल या किसी और नेता का डीपफेक विडियो मिल सकता है और वह इसे सच मानकर चला देते हैं। यह बहुत खतरनाक है।'