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अस्थाना के खिलाफ जांच से सीबीआई अधिकारी ने खुद को किया अलग

Thu, 10 Jan 2019 06:45 PM IST
शशांक गौर भाषा, नई दिल्ली
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Rakesh Asthana-Alok Verma - फोटो : Amar Ujala
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सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच की निगरानी कर रही एजेंसी के डीआईजी एमके सिन्हा ने जांच का जिम्मा संभालने से खुद को अलग कर लिया। अधिकारियों ने कहा कि निदेशक आलोक वर्मा के तबादलों के ताजा आदेश में सिन्हा को बैंकिंग, रक्षा एवं धोखाधड़ी शाखा (बीएसएफसी) और ‘एसी-3’ इकाई का जिम्मा सौंपा गया था।‘एसी-3’ इकाई अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक मामले में जांच कर रही है।

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उन्होंने कहा कि सिन्हा ने बीएसएफसी इकाई का जिम्मा संभाल लिया है लेकिन वर्मा और अस्थाना के बीच जारी टकराव को लेकर हालिया घटनाक्रम के कारण उन्होंने अस्थाना मामले की जांच कर रही ‘एसी-3’ इकाई से खुद को अलग कर लिया।

अधिकारियों ने कहा कि सिन्हा ने सीबीआई निदेशक से कहा कि जांच के हित में उन्हें इस मामले की जांच न सौंपी जाए। हालांकि उनके प्रस्ताव पर उच्च स्तर पर विचार किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने पलटा था ट्रांसफर का आदेश

सरकार द्वारा वर्मा और अस्थाना को एक विवादित आदेश के जरिये छुट्टी पर भेजे जाने के बाद, एम नागेश्वर राव के 23 अक्टूबर 2018 के पदभार संभालने के अगले दिन डीआईजी को नागपुर ट्रांसफर किया गया था।

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मालूम हो कि उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को आदेश पलट दिया था। विनीत नारायण प्रकरण में उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद से सीबीआई के निदेशक का दो साल का न्यूनतम निश्चित कार्यकाल होता है।

फिर से निदेशक का पद संभालते हुए वर्मा ने सिन्हा सहित ज्यादा अधिकारियों के तबादले का आदेश वापस ले लिया था। राव ने उनकी गैरमौजदूगी में ये तबादले किये थे। तबादला के बाद सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर करते हुए दावा किया था कि किस तरह सरकार के शीर्ष स्तर के अधिकारी अस्थाना के खिलाफ सीबीआई जांच में कथित रूप से हस्तक्षेप कर रहे हैं।

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एनएसए से किया आग्रह अस्थाना को गिरफ्तार नहीं किया जाए

Alok Verma, Rakesh Asthana

वर्ष 2000 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी सिन्हा ने 34 पेज की अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि सीबीआई निदेशक ने 17 अक्टूबर को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को अस्थाना के खिलाफ मामला दर्ज करने के बारे में बताया था।

याचिका में कहा गया था कि उसी रात जानकारी मिली कि एनएसए ने राकेश अस्थाना को प्राथमिकी दर्ज किये जाने के बारे में बताया। कहा गया कि राकेश अस्थाना ने एनएसए से आग्रह किया कि अस्थाना को गिरफ्तार नहीं किया जाए। 

रिश्वत मामले में आया था इनका नाम 

सिन्हा ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह ट्रांसफर किये गये पुलिस उपाधीक्षक एके बस्सी के हलफनामे का समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि बस्सी ने अस्थाना से जुड़े रिश्वत कांड से संबंधित लोकसेवकों की तत्काल तलाशी का समर्थन किया लेकिन सीबीआई निदेशक ने एनएसए के हवाले से तत्काल अनुमति नहीं दी। 

सीबीआई ने मांस कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े एक मामले में आरोपी मनोज प्रसाद से रिश्वत लेने के आरोप में अस्थाना के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सिन्हा ने कहा कि अस्थाना से कथित रूप से जुड़े रिश्वत मामले में गिरफ्तार मनोज प्रसाद से पूछताछ के दौरान डोभाल और भारत की खुफिया एजेंसी रॉ के विशेष निदेशक सामंत कुमार गोयल के नाम सामने आए थे। 
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