Alok Verma, Rakesh Asthana
वर्ष 2000 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी सिन्हा ने 34 पेज की अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि सीबीआई निदेशक ने 17 अक्टूबर को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को अस्थाना के खिलाफ मामला दर्ज करने के बारे में बताया था।
याचिका में कहा गया था कि उसी रात जानकारी मिली कि एनएसए ने राकेश अस्थाना को प्राथमिकी दर्ज किये जाने के बारे में बताया। कहा गया कि राकेश अस्थाना ने एनएसए से आग्रह किया कि अस्थाना को गिरफ्तार नहीं किया जाए।
रिश्वत मामले में आया था इनका नाम
सिन्हा ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह ट्रांसफर किये गये पुलिस उपाधीक्षक एके बस्सी के हलफनामे का समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि बस्सी ने अस्थाना से जुड़े रिश्वत कांड से संबंधित लोकसेवकों की तत्काल तलाशी का समर्थन किया लेकिन सीबीआई निदेशक ने एनएसए के हवाले से तत्काल अनुमति नहीं दी।
सीबीआई ने मांस कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़े एक मामले में आरोपी मनोज प्रसाद से रिश्वत लेने के आरोप में अस्थाना के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सिन्हा ने कहा कि अस्थाना से कथित रूप से जुड़े रिश्वत मामले में गिरफ्तार मनोज प्रसाद से पूछताछ के दौरान डोभाल और भारत की खुफिया एजेंसी रॉ के विशेष निदेशक सामंत कुमार गोयल के नाम सामने आए थे।