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जानें 100% विद्युतीकृत भारत की इतिहास से अब तक की पूरी कहानी

Wed, 09 May 2018 12:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मोदी सरकार ने देश के हर गांव तक बिजली पहुंचाने का दावा किया था। सरकार ने इसका श्रय खुद पर लेते हुए खूब सुर्खियां भी बटोरीं। वहीं वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 85 फीसदी आबादी तक बिजली पहुंचाने का काम किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक 2010-2016 के बीच में भारत में हर साल तीन करोड़ उपभोक्तओं तक बिजली पहुंचाई गई है। प्रधानमंत्री के दावे के एक हफ्ते बाद आई इस गैर सरकारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 125 करोड़ की आबादी वाले देश में केवल 15 फीसदी लोगों के पास ही बिजली नहीं है। जो विश्व के किसी भी देश से अधिक है। लेकिन क्या आपको लगता है कि ये सारा श्रेय केवल एक ही सरकार है। पिछली सरकारों ने भी इस दिशा में काफी काम किया है। अगर इतिहास के पन्नों में झांकें तो एक नई कहानी सामने आती है।

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- साल 1950 तक

हमारा देश साल 1947 में आजाद हुआ था। विदेशी ताकतों का 200 सालों तक गुलाम रहा भारत, उस समय बेहद पिछड़ी अवस्था में था। देश में बिजली का नाम तो दूर लोगों को भरपेट खाना तक नसीब नहीं था। उस समय महज 3,016 गांव ही ऐसे थे जहां तक बिजली की पहुंच थी।

- 1950-1960

इसके बाद गिरी हुई अर्थव्यवस्था को उठाने के लिए कांग्रेस सरकार के नेतृत्व में जवाहर लाल नेहरू ने बहुत सी नीतियां बनाईं। उन्होंने देश में निचले उघोग के साथ साथ कृषि पर भी पूरा जोर दिया। भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी कृषि थी। इसमें सिंचाई आदि की व्यवस्था के लिए बिजली की आवश्यकता था। इसी के तहत किए गए विकास प्रयासों के बाद 45,000 से भी अधिक गांवों तक बिजली पहुंचाई गई।
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- 1966-1980

साल 1966 से 1980 के बीच के आंकड़े बताते हैं कि उस वक्त देश के 2 लाख से भी अधिक गांवों ऐसे थे, जो विद्युतीकृत थे।

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1980 के बाद

- 1981-1990

इस दौरान कुल 2.2 लाख गांव ऐसे थे जो पूरी तरह विद्युतीकृत थे। इस दौरान कुटिर ज्योती योजना शुरु की गई थी। जिसके तहत बीपीएल परिवारों को 1988-89 के तहत सिंगल पॉइंट कनेक्शन दिए गए। 

- 1991-2003

इस दौरान ग्रामीण विद्युतीकरण में आर्थिक उदारीकरण काफी धीमा था। देश के विद्युत बोर्ड के आर्थिक हालात भी ठीक नहीं थे। 1991-2003 के बीच केवल 43,000 गांवों का ही विद्युतीकरण हो सका।
 
- 2004

मार्च 2005 में कांग्रेस सरकार द्वारा 'राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना' लॉन्च की गई। इसका उद्देश्य सभी घरों तक बिजली पहुंचाने का था। साथ ही बीपीएल परिवारो के लिए मुफ्त बिजली का प्रावधान रखा गया।

- 2014

इसके बाद दिसंबर 2014 में दीनदयाल ग्राम ज्योती योजना शुरू की गई। जिसमें पुराने सभी अव्यव शामिल किए गए। यह योजना भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और गैर-कृषि उपभोक्ताओं को विवेकपूर्ण तरीके से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
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