- 1981-1990
इस दौरान कुल 2.2 लाख गांव ऐसे थे जो पूरी तरह विद्युतीकृत थे। इस दौरान कुटिर ज्योती योजना शुरु की गई थी। जिसके तहत बीपीएल परिवारों को 1988-89 के तहत सिंगल पॉइंट कनेक्शन दिए गए।
- 1991-2003
इस दौरान ग्रामीण विद्युतीकरण में आर्थिक उदारीकरण काफी धीमा था। देश के विद्युत बोर्ड के आर्थिक हालात भी ठीक नहीं थे। 1991-2003 के बीच केवल 43,000 गांवों का ही विद्युतीकरण हो सका।
- 2004
मार्च 2005 में कांग्रेस सरकार द्वारा 'राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना' लॉन्च की गई। इसका उद्देश्य सभी घरों तक बिजली पहुंचाने का था। साथ ही बीपीएल परिवारो के लिए मुफ्त बिजली का प्रावधान रखा गया।
- 2014
इसके बाद दिसंबर 2014 में दीनदयाल ग्राम ज्योती योजना शुरू की गई। जिसमें पुराने सभी अव्यव शामिल किए गए। यह योजना भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और गैर-कृषि उपभोक्ताओं को विवेकपूर्ण तरीके से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।