थुलम सरवनन तमिलनाडु के मदुरै साउथ सीट निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां 6 अप्रैल को चुनाव होने हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र में उनका मुकाबला 13 अन्य उम्मीदवारों से होगा। सर्वानन अपने माता-पिता के साथ रहते हैं। उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए 20 हजार रुपये उधार लिए हैं।
उनका कहना है कि कैंपेन के लिए उनके पास पैसे नहीं है। मैसेज पहुंचाने के लिए उन्होंने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से मदद मांगी है। उन्होंने कहा, 'मेरा व्हाट्सएप संदेश वायरल हो गया है और लोग मेरे लंबे वादों और इसके पीछे के बारे में सोच रहे हैं। यह मेरी जीत है।
उन्होंने कहा,'सत्ता में रहते हुए राजनीतिक दल कृषि प्रदान करने, स्वच्छ हवा, इंटरलिंक नदियों को सुनिश्चित करने के लिए या रोजगार प्रदान करने के लिए काम नहीं करते हैं। वह सिर्फ चुनाव के समय तक लोगों को पैसे देने का लालच देते हैं और उन्हें ठीक से फैसला नहीं करने देते हैं।'
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तमिलनाडु में विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने अपने घोषणापत्रों में मुफ्त वादों की घोषणा कर जनता को वोट के लिए लुभाने की पुरजोर कोशिश की है। सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक जीतने पर शिक्षा ऋण माफी, सभी परिवारों को अम्मा वाशिंग मशीन, प्रत्येक परिवार में कम से कम एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी, जिनके पास अपना घर नहीं है, उन्हें अम्मा हाउसिंग स्कीम के तहत मुफ्त घर, प्रत्येक परिवार को हर साल छह गैस सिलेंडर मुफ्त में देने का वादा किया है।
द्रमुक की तरफ से हर परिवार की महिला मुखिया को प्रतिमाह एक हजार रुपये देने, बेरोजगारी दूर करने के लिए हर साल दस लाख नौकरियां देने, स्थानीय लोगों को नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण देने (मेडिकल सीटों के लिए नीट खत्म करने), समवर्ती सूची से शिक्षा को राज्य सूची में वापस लाने और ईंधन, गैस, दूध समेत अन्य कई वस्तुओं की कीमतें कम करने का वादा किया है।
इसके अलावा कमल हासन की एमएनएम ने गृहिणियों को सैलरी देने का विचार किया है। उन्होंने हर महीने तीन हजार रुपये देने का वादा किया है। सभी घरों में इंटरनेट के साथ मुफ्त कंप्यूटर और 50 लाख नौकरियां देने का वादा किया है।