मेरठ में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सपा, रालोद व बसपा के गठबंधन को 'सराब' बताने पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने पीएम मोदी पर देश के लोकतंत्र का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया और कहा कि मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए। विपक्ष के हमले के बाद लोगों में उत्सुकता पैदा हुई कि आखिर सराब और शराब में क्या अंतर होता है।
तो आइए आपको बताते हैं इस शब्द का अर्थ। 'सराब' का अर्थ होता है- मृगतृष्णा या धोखेबाजी। इसे मृगमरीचिका भी कहा जाता है, जो गरमी के मौसम में रेत पर दिखाई देती है। दरअसल, रेत पर दूर से पानी की तरह दिखने वाली चमक को मृगमरीचिका या मृगतृष्णा कहा जाता है। रेगिस्तान में घूमते हुए जानवर इसे देखकर पानी समझ उसकी ओर दौड़ते हैं।
वहीं 'शराब' शब्द के बारे में तो बताने की आवश्यकता है नहीं। इसे मदिरा से लेकर दारू तक कई प्रकार के स्थानीय और क्षेत्रीय नामों से पहचाना जाता है। कु्छ लोग इसे सम्मान के साथ सोमरस भी कहते हैं। हालांकि सच यह है कि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
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वहीं इसपर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी(सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। अखिलेश ने कहा, 'आज टेली-प्रॉम्प्टर ने यह पोल खोल दी कि सराब और शराब का अंतर वह लोग नहीं जानते जो नफ़रत के नशे को बढ़ावा देते हैं। सराब को मृगतृष्णा भी कहते हैं और यह वह धुंधला सा सपना है जो भाजपा 5 साल से दिखा रही है लेकिन जो कभी हासिल नहीं होता। अब जब नया चुनाव आ गया तो वह नया सराब दिखा रहे हैं।'
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार से लोकसभा चुनाव के प्रचार-प्रसार अभियान की शुरुआत मेरठ से की। यहां उन्होंने एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस के साथ ही सपा, बसपा और रालोद पर भी जमकर हमला बोला। प्रधानमंत्री ने कहा कि, 'सपा का स, रालोद का रा और बसपा का ब मतलब सराब, ये शराब आपको बर्बाद कर देगी।'