केंद्र सरकार की सबसे चर्चित मंत्री स्मृति ईरानी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें सूचना और प्रसारण मंत्रालय के रूप में एक और मंत्रालय का प्रभार सौंपा है।
केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू के पद छोड़ने के कारण रिक्त हुए उनके दो मंत्रालयों में से एक स्मृति ईरानी को दिया गया है जबकि दूसरा नरेन्द्र तोमर को। खास बात ये है कि इस पदोन्नति के साथ ही स्मृति एक बार फिर मोदी के उन खास मंत्रियों की लिस्ट में शामिल हो गई हैं जिन पर अपने मंत्रालयों के अतिरिक्त दूसरे बड़े मंत्रालयों का भी अतिरिक्त प्रभार है। यह स्मृति पर मोदी के विश्वास को ही दर्शाता है।
हालांकि ज्यादा दिन नहीं हुए जब उनसे हाईप्रोफाइल मानव संसाधन मंत्रालय छीनकर कपड़ा मंत्रालय जैसा लो प्रोफाइल मंत्रालय दे दिया गया था। उस समय कहा गया था कि स्मृति ईरानी पीएम मोदी की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाई थी इसलिए मानव संसाधन मंत्रालय से उनकी छुट्टी की गई है। लेकिन नए बदलाव के साथ ही यह बात भी साफ हो गया कि स्मृति ईरानी अभी भी मोदी की हिट लिस्ट में हैं।
विवादों के चलते स्मृति को छोड़ना पड़ा मानव संसाधन मंत्रालय
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मानव संसाधन मंत्रालय का जिम्मा संभालने के दौरान स्मृति ईरानी का दो साल का कार्यकाल काफी विवादों भरा रहा। हैदराबाद के छात्र रोहित वेमूला की मौत का मामला और कई बड़े शिक्षण संस्थानों में निदेशक और अध्यक्ष पद पर नियुक्ति को लेकर भी उन पर खूब आरोप लगे थे।
इन नियुक्तियों में स्मृति पर अपने चहेतों को बढ़ावा देने के आरोप लगाए गए थे। कई संस्थानों में तो संघ से संबंध रखने वाले लोगों को भी नियुक्ति देने के आरोप लगे। इसके अलावा उनकी खुद की डिग्री भी सवालों के घेरे में रही।
उनके बयानों ने भी कई बार केंद्र सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा की, एक बार वह एक ज्योतिषी के पास अपना हाथ दिखाने पहुंची तो उनके अंधविश्वासी होने की खबरों ने मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरीं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति के साथ उनकी अदावत भी काफी चर्चाओं में रही।
कपड़ा मंत्री बनने के बाद सुधारी अपनी परफार्मेंस
मानव संसाधन जैसे मंत्रालय से हटाए जाने के बाद कपड़ा मंत्रालय जैसे लो प्रोफाइल मंत्रालय में भेजी गई स्मृति ईरानी ने पिछले एक साल में अपनी छवि में काफी सुधार किया। इस दौरान उन्होंने खुद को विवादों से लगभग दूर ही रखा। परफार्मेंस के मामले में भी उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया।
इस दौरान खादी को बढ़ावा देने के लिए भी उन्होंने कई कैंपेन चलाए, जिसे पीएम मोदी ने भी खुद सराहा। ट्विटर और फेसबुक पर भी उन्होंने अपने मंत्रालय की कई योजनाओं का जमकर प्रचार किया, जिसे काफी अच्छा रिस्पांस मिला।
यहां तक की उन्होंने खुद की वेशभूषा में भी काफी बदलाव किया, पहले सिल्क और फेंसी साड़ी पहनने वाली ईरानी ने कपड़ा मंत्रालय में आने के बाद सूती साड़ियों को ही प्राथमिकता दी। उन्होंने सूती साड़ी की अपनी एक तस्वीर को #CottonIsCool के हैशटैग के साथ ट्वीटर पर पोस्ट भी किया, जो ट्रेंड भी करने लगा।
स्मृति की #CottonIsCool की इस मुहिम को राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, सांसद हेमामालिनी, क्रिकेटर कपिल देव, वीरेन्द्र सहवाग और मोहम्मद कैफ जैसे सितारों का भी साथ मिला। मंत्रालय के अलावा राजनीतिक रूप से भी स्मृति ईरानी काफी सक्रिय रहीं। अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी में भी वह स्थानीय सांसद राहुल गांधी के मुकाबले ज्यादा उपस्थिति दर्ज कराती रही है।