पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर हवाई हमला किया था। इस हमले के ठीक अगले दिन यानी 27 फरवरी को पाकिस्तान भी भारत पर ऐसा ही एक हमला करने वाला था, लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो पाया।
समाचार एजेंसी एएनआई को सरकारी सूत्र ने बताया है, "27 फरवरी को पाकिस्तानी वायु सेना 20 विमानों के साथ आई थी, जिनमें अमेरिका का एफ-16, फ्रांस के मिराज-IIIएस और चीन का जेएफ-17 शामिल था। इनके साथ ही उसने 11 एक हजार किलो के एच-4 बमों को अपने क्षेत्र में 50 किमी की रेंज से तीन मिल्ट्री टारगेट को निशाना बनाते हुए गिराया था। लेकिन किसी पर भी हमला करने में नाकाम रहा।"
एच-4 बमों को पाकिस्तानी वायु सेना ने मिराज-IIIएस से गिराया था। इन बमों को काफी दूरी सी गिराया गया, जिसके चलते ये निशाने पर नहीं लगे। ये उसी क्षमता के बम हैं जो भारतीय वायु सेना ने स्पाइस-2000 से बालाकोट में गिराए थे। एच-4 बमों को पाकिस्तान ने साउथ अफ्रीका की सहायता से बनाया है।
सूत्र ने कहा, "एफ-4 ज्यादा सटीक नहीं हैं और उसने अपने लक्ष्य भी मिस किए। इन हमलों में से एक जम्मू कश्मीर स्थित सेना के कैंप पर किया गया, लेकिन उस इमारत को एक बड़े और मोटे पेड़ ने बचा लिया, जिसे काफी नुकसान भी हुआ। लेकिन पेड़ ने पाकिस्तान के हमले को नाकाम कर दिया।" जब ये हमला हुआ तो वरिष्ठ अफसर कैंपस में मोजूद थे। ये बम तीन स्थानों पुंछ और अन्य सेक्टरों में गिराए गए थे।
पहचान ना बताने की शर्त पर सरकारी सूत्र ने कहा कि पाकिस्तानी वायु सेना के हमले को नाकाम करने में भारतीय वायु सेना द्वारा तेजी से की गई कार्रवाई कारण हो सकती है। जिसके चलते एच-4 बम अपने निशाने पर नहीं लगे। पाकिस्तानी विमान अलग-अलग बेसिस से उड़ान भरने के बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 27 फरवरी को एकत्रित हुए थे।
पाकिस्तान ने एयर टू एयर मिसाइल दागने के लिए अपने सबसे अडवांस विमान एफ-16 का इस्तेमाल किया। वहीं मिराज-IIIएस को ग्राउंड मिसाइल हमले के लिए इस्तेमाल किया। उसी दौरान भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने अपने मिग-21 से आर-73 मिसाइल दागते हुए पाकिस्तान का एफ-16 लड़ाकू विमान गिरा दिया था।