बरसाना में होली खेलने का दौर अभी से जारी है। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी इस खेल में अपने आप को वक्त से पहले ही सराबोर कर चुके हैं।
इस होली का आनंद उठाने लोग दूर दराज के शहरों और देशों से आते हैं। विदेशियों का एक बड़ा तबका इस होली का लुत्फ उठाने पहुंचता है।
एक दूसरे पर रंग और गुलाल डालते हुए लोकगीत गाना बहुत जरुरी समझा जाता है। लोग राधा कृष्ण बन कर उन्हीं दोनों की तरह बात भी करते हैं।
बरसाने की होली का रंग चढ़ने के बाद बारी आती है नंदगांव, गोकुल, वृदांवन आदि जगहों पर होली मनाने की। लोग इधर भी सुबह से लेकर शाम तक बस लाल, पीले, नीले, गुलाबी और न जाने कितने रंगों में डूबे हुए नजर आते हैं।