फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूं ही नहीं मोदी और शाह की पहली पसंद हैं मनोज सिन्हा, जानिए क्या है खास?

Sat, 18 Mar 2017 11:56 AM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी के मुख्यमंत्री पद की रेस में जो नाम सबसे आगे चल रहा है वो है रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा का। गाजीपुर के सांसद मनोज सिन्हा इस पद के लिए प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह दोनों की पसंद बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन


हालांकि खुद सिन्हा सीएम को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर रहे हैं लेकिन चर्चा यही है कि उनके नाम पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में करीब करीब मुहर लग चुकी है, बस विधायक दल की बैठक में उनके नाम की घोषणा होना बाकी है। पूरी संभावना है कि विधायक दल की बैठक में भी शायद ही कोई उनके नाम पर एतराज करे, वैसे भी वहां होना वही है जो भाजपा नेतृत्व ने तय कर दिया है।

लेकिन बड़ा सवाल ये है कि ऐसा क्या है मनोज सिन्हा में कि वो तमाम बड़े नामों के बीच शीर्ष नेतृत्व की पसंद बनकर उभरे हैं? क्यों उनके सामने प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्या और तमाम बड़े नेताओं का कद बौना पड़ गया है। क्यों सीएम पद के लिए वही पीएम मोदी और शाह की पहली पसंद बने हुए हैं। आइए डालते हैं उन कारणों पर एक निगाह।
विज्ञापन
विज्ञापन

मोदी मंत्रीमंडल के सबसे काबिल मंत्रियों में से हैं मनोज सिन्हा

-गाजीपुर से सांसद चुने गए मनोज सिन्हा की गिनती मोदी कैबिनेट के सबसे काबिल मंत्रियों में होती है
-वर्तमान मंत्रीमंडल में सिन्हा उन नेताओं में शुमार हैं जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी व्यक्तिगत रूप से भी काफी पंसद करते हैं 
-सीएम की रेस में शामिल वर्तमान नेताओं में मनोज सिन्हा ही सबसे ज्यादा पढ़े लिखे और काबिल माने जाते हैं
-सिन्हा ने देश के श्रेष्ठ शिक्षण संस्‍थाओं में शुमार बीएचयू आईआईटी से बीटेक और एमटेक किया है
-मनोज सिन्हा बीएचयू छात्रसंघ के अध्यक्ष भी रहे हैं, पढ़ाई के साथ साथ वह राजनीति में भी हमेशा आगे रहे हैं
-मनोज सिन्हा को भाजपा नेताओं के साथ-साथ आरएसएस का समर्थन भी माना जाता है
-यूपी की रेस में शामिल बाकी नेताओं के मुकाबले सिन्हा का व्यक्तित्व ज्यादा बेदाग है उनके नाम पर कोई विवाद भी नहीं है
-सरल स्वभाव के सिन्हा को दूसरे नेताओं के मुकाबले ज्यादा लोकप्रिय माना जाता है
-2004 से 2014 तक सांसद न रहने के दौरान सिन्हा ने ग्रामीण क्षेत्रों में काफी काम किया है जिसकी वजह से पूर्वांचल में उनकी काफी लोकप्रियता है
-वह तीन बार के सांसद हैं और 13वीं लोकसभा में पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के कार्यकाल में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद चुना गया था
-कुछ दिन पहले ही एक ‌पत्रिका के सर्वे में सात सबसे ईमानदार सांसदों में चुना गया
-आमजन से मुद्दों को उठाने में सिन्हा सबसे आगे रहे हैं, राजनीति से इतर भी वह इन मुद्दों के लिए संघर्ष करते रहे हैं
-रेल मंत्रालय में भी मनोज सिन्हा के काम को काफी सराहा गया है, पीएम मोदी खुद भी मंत्रीमंडल में उनके काम की तारीफ कर चुके हैं
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें