जयपुर में जीका वायरस संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक मरीजों की संख्या 80 तक पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इसपर मंगलवार को दिल्ली में समीक्षा बैठक भी की। वहीं राजस्थान सरकार भी निगरानी और सभी प्रकार के निवारक उपाय कर रही है। यह बीमारी गर्भवती महिलाओं को भी हुई है। चलिए आपको बताते हैं कि ये बीमारी किस तरह से फैलती है और पैदा होने वाले बच्चों को कैसे प्रभावित कर सकती है-
क्या है जीका वायरस?
जीका मच्छरों द्वारा फैलने वाला एक वायरल इन्फेक्शन है। इसका वायरस एडीज मच्छर से फैलता है। जो डेंगू और चिकनगुनिया भी फैलाता है। यह सेक्सुअली भी ट्रांसमिट हो सकता है। जीका का पहला मामला साल 1947 में युगांडा से सामने आया था। वहां एक बंदर को ये बीमारी हुई थी। इसके पांच साल बाद मनुष्यों में भी जीका के मामले सामने आए। इसके बाद साल 1960 तक दुनियाभर से इसके मामले सामने आने लगे। इसका सबसे अधिक प्रकोप साल 2007 में प्रशांत के याप महाद्वीप में देखा गया। इसके बाद 2017 में ब्राजील में भी देखा गया। इसे माइक्रोसेफली से जोड़ा गया। जिसमें बच्चे छोटे और अविकसित दिमाग के साथ पैदा होते हैं।