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ओम बिड़ला: छात्रसंघ चुनाव से लोकसभा अध्यक्ष तक, ऐसी रही सियासी यात्रा

Wed, 19 Jun 2019 07:17 PM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला - फोटो : ANI
17वीं लोकसभा के पहले सत्र के तीसरे दिन बुधवार की सुबह राजस्थान के कोटा से भाजपा सांसद ओम बिड़ला निर्विरोध लोकसभा के अध्यक्ष मनोनीत हुए। कभी छात्रसंघ चुनाव से राजनीति की शुरुआत करने वाले ओम बिड़ला अब लोकसभा की कार्यवाही संभालेंगे। बिड़ला अमित शाह के काफी करीबी माने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह ने बिड़ला का नाम प्रस्तावित किया था।



आइए, एक नजर डालते हैं ओम बिड़ला के सियासी सफर पर:
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OM Birla - फोटो : PTI
छात्र राजनीति से शुरुआत: चार दिसंबर 1962 को कोटा में जन्मे ओम बिड़ला छात्र राजनीति में काफी सक्रिय रहे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्रसंघ चुनाव से ही की। साल 1979 में महज 17 वर्ष की उम्र में वह गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल गुमानपुरा में छात्रसंघ के अध्यक्ष बने, जबकि कॉलेज के दिनों में उन्होंने राजस्थान कॉलेज ऑफ कॉमर्स, कोटा के  सह-सचिव  का चुनाव जीता था।
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लोकसभा अध्यक्ष के लिए नाम प्रस्तावित करने के बाद ओम बिड़ला को मिठाई खिलाती महिलाएं - फोटो : PTI
संगठन में दबदबाः पार्टी संगठन में भी उनका खासा दबदबा रहा है। वह छह साल तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे और फिर भारतीय जनता युवा मोर्चा के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें संगठन की जिम्मेदारी दी गई थी।

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OM Birla - फोटो : PTI
तीन बार विधायक रह चुके, दूसरी बार सांसदः ओम बिड़ला राजस्थान के कोटा से दूसरी बार सांसद निर्वाचित हुए हैं। इससे पहले वह तीन बार विधायक भी रह चुके हैं। बिड़ला साल 2003, 2008 और 2013 यानी तीन बार राजस्थान विधानसभा के सदस्य रहे।
 
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सांसद ओम बिड़ला ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से भी मुलाकात की - फोटो : PTI
साल 2004 से 2008 तक राजस्थान सरकार में वह संसदीय सचिव रहे। कोटा से वे पहली बार 2014 में सांसद चुने गए। 2019 लोकसभा चुनाव में 8,00,051 वोट पाने वाले बिड़ला ने कांग्रेस प्रत्याशी रामनारायण मीणा को 2.79 लाख वोटों से करारी शिकस्त दी है। 

 
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अधिकारियों से बातचीत करते सांसद बिड़ला - फोटो : amar ujala
युवाओं का साथ, समाजसेवा में रहे हैं आगेः 58 वर्षीय ओम बिड़ला के बारे में कहा जाता है कि वे युवाओं को साथ लेकर चलते हैं। छात्र राजनीति में सक्रिय रह चुके बिड़ला युवाओं की नब्ज पकड़ना बखूबी जानते हैं। 26 जनवरी 2001 को गुजरात में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने में भी बिड़ला की अहम भूमिका रही थी।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला - फोटो : ANI
23 साल बाद कोटा को मिला केंद्र में प्रतिनिधित्वः 1977 में केके गोयल केंद्र में मंत्री थे और नरसिम्हा राव सरकार में (1991-1996) भुवनेश चतुर्वेदी मंत्री रह चुके हैं। इसके बाद कोटा को केंद्र में प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
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