दीना वाडिया एक स्वतंत्र विचारों वाली एक क्रांतिकारी बिटिया थीं शायद यही वजह थी कि उनके अपने पिता मोहम्मद अली जिन्ना से कभी नहीं बनी। दीना वैसे तो पाकिस्तान के कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना की इकलौती बेटी थी जिनका गुरुवार को न्यूयॉर्क में निधन हो गया। वो 98 साल की थीं।
बताते हैं कि दीना का अपने पिता से विचारधाराओं को लेकर वैचारिक मतभेद थे जिसने बाप-बेटी को एक दूसरे से अलग कर दिया था कि देश के बंटवारे के बाद भी दीना कभी अपने पिता के पास पाकिस्तान नहीं गईं। बंटवारे के समय जिन्ना के साथ उनकी बहन फातिमा साथ गईं थीं तब जब सभी ये जानते थे कि जिन्ना गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और वो कभी भी इस दुनिया को अलविदा कह सकते हैं।
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दीना वाडिया भले ही पाकिस्तान के कायदे आजम की बेटी थीं लेकिन वो पाकिस्तान सिर्फ दो ही बार गईं थीं एक पिता की मौत के बाद 1948 में और 2004 में। बाप बेटी के बीच रिश्तों में तनाव शुरू हुआ दीना की शादी के बाद जब उन्होंने पिता से कहा कि उन्हें नेवली से शादी करनी है, तो जिन्ना ने दीना से कहा कि भारत में हजारों मुसलमान हैं लेकिन तुम्हें सिर्फ वही मिला?
इसपर दीना ने जवाब दिया था- इस देश में भी तो हजारों मुस्लिम लड़कियां थीं लेकिन आपको शादी करने के लिए मां ही मिलीं। दीना मां रती जिन्ना भी पारसी थीं और उनके निधन के समय दीना महज दस साल की थीं।