Neta Ji
कानून में एक अपवाद भी
दलबदल कानून में एक अपवाद (91वां संविधान संशोधन, वर्ष 2003) भी है। इसके तहत यदि किसी पार्टी के दो-तिहाई या अधिक विधायक किसी अन्य पार्टी के साथ विलय करने का निर्णय लेते हैं, तो उन्हें दलबदल के लिए अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता है। शेष बचे हुए लोग जो अपने दल के साथ ही रहना पसंद करते हैं, वे ऐसे समय में कानूनी कार्रवाई से सुरक्षित रहते हैं।
आगे पढ़ें: क्या है संविधान की दसवीं अनुसूची?