चुनावों में हर छोटा-बड़ा नेता जनता से जुड़ाव रखने और उसकी सुख सुविधाएं पूरी करने का वादा तो करता है लेकिन जीत के बाद यह शायद ही पूरा हो पाता है। एन रंगास्वामी इस मामले में सबसे अलग खड़े नजर आते हैं। 2001 में पहली दफा मुख्यमंत्री बनने के बाद यह कभी जनता से दूर नहीं रहे।
देश के इकलौते ऐसे सीएम रहे जो बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के चलते थे। दिग्गज कांग्रेस नेता के कामराज से प्रेरित होकर राजनीति में आने वाले रंगास्वामी ने जब भी कुर्सी संभाली नागरिक कल्याण पर हमेशा जोर दिया।
सादगी, जमीनी जुड़ाव और वीआईपी तामझाम से दूर रहने के कारण लोग उन्हें जूनियर कामराज बुलाते हैं। प्रभावी समुदाय वन्नियार से ताल्लुक रखने वाले रंगस्वामी का शुरू से गरीब असहाय लोगों की मदद का सपना था। विद्यार्थी जीवन में ही राजनीति का रास्ता चुना।
मूलभूत ढांचे पर काम कर प्रदेश को बनाया अव्वल
65 साल के रंगास्वामी ने अपने शुरुआती कार्यकाल में प्रदेश के मूलभूत ढांचे और जुनसुविधाओं पर पुरजोर काम किया। यही वजह है कि 2006 में एक सर्वेक्षण में पुडुचेरी को रहने योग्य प्रदेशों की सूची में अव्वल मिला।
इसके अलावा साक्षरता और महिला सशक्तीकरण जैसे मामलों में भी प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ बनाने में भूमिका निभाई। मिड-डे मील और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अच्छे क्रियांवयन के लिए भी उन्होंने तारीफ बटोरी। अब तक के राजनीतिक सफर में उन पर कोई दाग नहीं लगा।