सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के बाद छह महीने की सजा पाने वाले कोलकाता हाइकोर्ट के पूर्व जस्टिस सीएस कर्णन की अंतरिम जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। जिसके बाद तय हो गया है कि जस्टिस कर्णन को अब छह महीने जेल में ही काटने होंगे। यूं तो कर्णन का विवादों से लंबा नाता रहा है लेकिन कई मौकों पर वह अपने साथी जजों के लिए मिसाल भी पेश करते रहे हैं।
जस्टिस कर्णन के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने कभी अपने पद का विशेष लाभ लेने का प्रयास नहीं किया। यहां तक की कोलकाता हाईकोर्ट में नियुक्ति के दौरान वह साथी जजों के साथ कार पूलिंग करके ऑफिस पहुंचते थे, वो भी तब जब उन्हें सरकारी खर्चे पर कार मिली हुई थी।
इसके अलावा वह सरकारी आवास में रहने के दौरान भी कम से कम सरकारी सुविधाओं का उपयोग करते थे, कहीं जाते थे तो निजी गाड़ी से ही सफर करने को प्राथमिकता देते थे। हालांकि इन तमाम बातों से अलग जस्टिस कर्णन की चर्चा उनके विवादों के कारण हुई। इनमें उनके कई बयान भी प्रमुख थे।