रक्षा मंत्री अरुण जेटली चीन और पाकिस्तान को जवाब देने के लिए जाने-माने अपाचे हेलीकॉप्टरों की मदद ले सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत, अमेरिका से शक्तिशाली अपाचे 64डी हेलिकॉप्टरों का नया वर्जन खरीदना चाहती है। रक्षा मंत्रालय की ओर से देश की सुरक्षा को लेकर गंभीरता बरती जा रही है।
हाल ही में भारत ने पश्चिम बंगाल के हरिमारा और पंजाब के अंबाला बॉर्डर पर नए फाइटर जेट्स तैनात करने का फैसला लिया है। अब नए हेलिकॉप्टरों को लाने पर विचार बड़ा फैसला माना जा रहा है। आईए आपकों बताते हैं क्या खासियत है अपाचे हेलिकाप्टरों की...
- अगर भारत में अमेरिका का अपाचे हेलिकॉप्टर आता है तो ये एमआई-35 हेलिकॉप्टर की जगह लेगा।
- हेलीकॉप्टर की एक खासियत है कि इसमें 30 एमएम की गन लगी हुई, जो बेहद घातक होती है।
- अपाचे में एक फिट सेंसर लगा है, जो दुश्मनों को आसानी से तलाश कर उन्हें खत्म कर सकता है।
- हेलीकॉप्टर में नाइट विजन लगे होने के वजह से इसका इस्तेमाल लड़ाई के दौरान रात में भी किया जा सकता है।
- मेन लैंडिंग गियर सिस्टम के बीच एक चेन गन को लगाया गया है, जो कि हेलीकॉप्टर की स्ट्राइकिंग कैपेसिटी को दोगुना करती है।
- वार जोन में इस्तेमाल की पहली पसंद माने जाने वाल अपाचे करीब 293 किलोमीटर की रफ्तार से उड़ता है।
- मिसाइल दागने में सक्षम हेलीकॉप्टर में एजीएम-114 हेलीफायर मिसाइल लगे हैं और हाइड्रा 70 रॉकेट पॉड्स भी लगे हैं।
- बताया जाता है कि अमेरिका ने इस हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल इराक में भी किया है।
- खास बात है कि अमेरिकी सेना पहले अपने बड़े हेलिकॉप्टरों का नाम भारतीय जनजातीय नामों पर रखती थी।
- अपाचे हेलीकॉप्टर में टर्बोसाफ्ट इंजन लगे हैं। इसका वजन 5,165 किलो है। जिसमें 2 सीटें हैं। इस हेलीकॉप्टर को अमेरिकी सेना के अलावा इजरायली वायुसेना, इजिप्टियन वायुसेना और नीदरलैंड की आर्मी इस्तेमाल करती है।