वरिष्ठ अधिवक्ता केके वेणुगोपाल को केन्द्र सरकार ने नए अटार्नी जनरल के पद पर नियुक्त किया है। केके वेणुगोपाल अब मुकुल रोहतगी का स्थान लेंगे। इससे पहले इस पद पर मुकुल रोहतगी कार्यरत थे। उनके कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकार ने वेणुगोपाल को नया अटार्नी जनरल नियुक्त किया है।
KK Venugopal appointed new Attorney General, will replace Mukul Rohatgi. (file pic) pic.twitter.com/koI7odqcYM
— ANI (@ANI_news) June 30, 2017
बता दें कि पद्म विभूषण और पद्म भूषण से सम्मानित वेणुगोपाल मोरारजी देसाई सरकार के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रहे हैं। उन्होंने कई सरकारों को मदद की और वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर उनका प्रतिनिधित्व किया।
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में वह सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। कार्यकाल विस्तार नहीं चाहते हैं अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी, प्राइवेट प्रैक्टिस करेंगे। एक जांच अधिकारी को हटाने के मामले में सरकार और एजेंसी से अलग राय रखने पर ईडी उन्हें बदलना चाहती थी लेकिन शीर्ष अदालत ने वेणुगोपाल को अपना काम जारी रखने को कह दिया था।
वेणुगोपाल ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम की सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व किया था। इसमें उन्होंने उच्च न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली को हटाने के लिए केंद्रीय कानून की वैधता का समर्थन किया था।
भाजपा सरकार के साथ उनका जुड़ाव अयोध्या आंदोलन के समय से है। वह उत्तर प्रदेश की तत्कालीन कल्याण सिंह सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे और यह आश्वासन दिया था कि मध्यकालीन विवादित ढांचे की रक्षा की जाएगी।
हालांकि, छह दिसंबर, 1992 को कारसेवकों ने विवादित ढांचे को ढाह दिया। इसके बाद वह तत्कालीन चीफ जस्टिस एमएन वेंकटचलैया के घर पर शाम को बैठी पीठ के समक्ष पेश हुए थे। हाल ही में वह वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और अन्य की तरफ से शीर्ष अदालत में पेश हुए थे। इस मामले में शीर्ष अदालत ने सभी आरोपियों पर आपराधिक साजिश के आरोप बहाल कर दिए और ट्रायल दो साल में पूरा करने का आदेश दिया है।