गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। अहमदाबाद के स्टर्लिंग अस्पताल के डॉ. अक्षय किलेदार ने बताया कि दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। बृहस्पतिवार सुबह 11.55 पर उन्होंने अंतिम सांस ली।
92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, दो बार बने मुख्यमत्री
उन्हें कुछ समय पहले कोरोना भी हुआ था, लेकिन वह ठीक हो गए थे। वे 2 बार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे थे। 30 सितंबर को ही सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के दोबारा अध्यक्ष चुने गए थे।
राजनीतिक सफर
केशुभाई पटेल ने 1995 और 1998 से 2001 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। आपातकाल के बाद 1977 में केशुभाई पटेल राजकोट से लोकसभा के लिए चुने गए थे। बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया और बाबूभाई पटेल की जनता मोर्चा सरकार में 1978 से 1980 तक कृषि मंत्री रहे। किसान कल्याण के मुद्दे उनके दिल के सबसे करीब थे। विधायक, सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में रहते हुए उन्होंने किसानों के हित में कई कदम उठाए।
वह साल 1945 में प्रचारक के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शामिल हुए थे। छह बार गुजरात विधानसभा के सदस्य रहे पटेल ने 2012 में भाजपा छोड़ दी और अपनी स्वयं की राजनीतिक पार्टी ‘गुजरात परिवर्तन पार्टी’ बनाई। उन्हें 2012 के राज्य विधानसभा चुनाव में विसावदर से जीत हासिल हुई, लेकिन बाद में बीमार होने के कारण 2014 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
राष्ट्र ने एक महान नेता खो दिया
केशुभाई पटेल के निधन से, राष्ट्र ने एक महान नेता खो दिया। उनका लंबा सार्वजनिक जीवन लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित रहा, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा की, लोगों के साथ उनके अद्भुत संबंध थे।
- रामनाथ कोविंद, राष्ट्रपति
वे मेरे पिता के समान थे
हमारे प्यारे और सम्मानित केशुभाई का निधन हो गया है.. मैं बेहद दुखी हूं। वह एक उत्कृष्ट नेता थे जिन्होंने समाज के हर वर्ग की देखभाल की। वे मेरे पिता के समान थे। उनका जीवन गुजरात की प्रगति और हर गुजराती के सशक्तिकरण के लिए समर्पित था। उन्होंने मेरे सहित कई छोटे कार्यकर्ताओं को तैयार किया था। उनका निधन एक अपूरणीय क्षति है।
- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
गुजरात की जनता की सेवा में समर्पित रहा केशुभाई का जीवन
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल जी के निधन का दु:खद समाचार प्राप्त हुआ। उनका लंबा सार्वजनिक जीवन गुजरात की जनता की सेवा में समर्पित रहा। उनके निधन से गुजरात की राजनीति में ऐसी रिक्तता आई है जिसका भरना आसान नहीं है। उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।
- अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री