लाल किले पर उपद्रवियों के कब्जे और अपने संगठन का झंडा फहरा देने से पूरा देश स्तब्ध है। दुनिया भर में बदनामी हो रही है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर ये हो कैसे गया? लाल किले पर आम तौर पर भी सुरक्षा मजबूत होती है। 26 जनवरी के दिन तो और भी कड़ा पहरा होता है। फिर इतनी संख्या में उपद्रवी आखिर लाल किले में घुसने और झंडा फहराने में कामयाब कैसे हो गए? मंगलवार, 26 जनवरी को हुए इस हादसे से उबरने की कोशिशों के बीच इन सवालों के जवाब ढूंढते हुए एक वीडियो सामने आया है जो कुछ हद तक बताता है कि ये सब हुआ कैसे?
इस वीडियो से पता चलता है कि किस तरह पुलिस उपद्रवियों के सामने बेबस हो गई थी। जब दिल्ली के आईटीओ चौक पर हंगामा चल ही रहा था ठीक उसी समय उपद्रवियों की भीड़ बड़ी संख्या में लाल किले तक पहुंच गई थी। वहां पुलिस बल तैनात था पर भीड़ से बहुत कम। इसीलिए भीड़ पुलिस पर हावी हो गई। पूरी भीड़ लोहे के उस गेट की तरफ बढ़ी जहां से लाल किले का प्रवेश है। इन लोगों के हाथ में लाठी, डंडे और हथियार थे। इस भीड़ ने पुलिस को पीछे धकेलना शुरु कर दिया। पुलिस वाले बचने के लिए पीछे खिसकते गए और फिर एक के बाद एक सूखे नाले में गिरते चले गए। उपद्रवी पुलिस पर हावी होते चले गए। वीडियो में पुलिस वाले जान बचाने के लिए नाले में कूदते हुए भी दिखाई दे रहे हैं।
भीड़ लोहे के प्रवेश द्वार को खोलेने में कामयाब हो गई और फिर हमने वो दृश्य देखे जिससे सभी का सिर शर्म से झुक गया। ये वीडियो बताता है कि पुलिस किस तरह बेबस हो गई। कैसे इतने पुलिस वाले जख्मी हुए। लेकिन साथ ही ये वीडियो सवाल भी खड़े करता है कि जब पहले से कुछ आंदोलनकारियों के लाल किले पहुंचने की खुफिया जानकारी थी, बल्कि खुलेआम चेतावनी दी जा रही थी तो लाल किले पर इतना कम पुलिस बल क्यों था?