प्रधानमंत्री कार्यालय सूत्र के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली की तरफ आंदोलन के लिए कूच कर रहे किसानों की पल-पल जानकारी ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री सचिवालय भी किसानों के आंदोलन को लेकर सक्रिय है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी कैबिनेट के आधा दर्जन मंत्री इस मामले में सक्रिय हैं।
केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली, स्टील मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, गजेन्द्र सिंह शेखावत समेत सरकार के कई विभाग डैमेज कंट्रोल की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
सरकार की आशंका इस आंदोलन को लेकर मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र समेत देश के अन्य भागों के किसानों के शामिल होने तथा पूरे देश के किसान संगठनों के समर्थन को लेकर ज्यादा गंभीर है। समझा जा रहा है कि प्रधानमंत्री खुद जल्द से जल्द किसान आंदोलन से पैदा हुई समस्या की कमान संभाल सकते हैं।
मंगलवार को 12 बजे दिन में किसान नेताओं की फिर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से वार्ता होनी है। केन्द्र सरकार चाहती है कि किसी भी दशा में किसान गाजियाबाद, उ.प्र. की सीमा से दिल्ली से दिल्ली में प्रवेश न करने पाएं। मामले को सीमा पर ही सुलझा लिया जाए। इसके लिए पुलिस प्रशासन के सहयोग से लगातार समस्या के समाधान के प्रयास जारी हैं। इस बीच केन्द्रीय गृहमंत्रालय ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अर्ध सैनिक बलों को तैयार रहने के लिए कह दिया है।
उधर किसानों की तरफ से किसान नेता युद्धवीर सिंह काफी सक्रिय हैं। सरकार से बातचीत में राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह की भूमिका प्रमुख है। भाकियू नेता राकेश टिकैत अस्वस्थता के कारण बातचीत में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। सरकार किसानों की मांग सुन रही है, उनसे ज्ञापन ले रही है, लेकिन किसान की मांगों को पूरा करने, विचार करके मांगो को मानने के लिए आश्वासन देने हेतु समय की मांग कर रही है।