किसानों और कृषि मंत्री के बीच आठवें दौर की बैठक भी बेनतीजा रही है। अब केंद्र सरकार और किसानों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में गणतंत्र दिवस की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दूसरी ओर किसान संगठनों ने एलान कर दिया है कि ट्रैक्टर परेड अब केवल दिल्ली में ही नहीं, बल्कि हर जिले में होगी।
दिल्ली में एकत्र करेंगे सवा लाख ट्रैक्टर
राष्ट्रीय राजधानी में किसान संगठनों की करीब सवा लाख ट्रैक्टर एकत्रित करने की योजना है। इसके अलावा सभी जिला मुख्यालयों पर 500 से 1000 के बीच ट्रैक्टर लाएं जाएंगे। किसान नेता दर्शनपाल ने दिल्ली के चारों तरफ 20 जनवरी तक अधिक से अधिक ट्रैक्टर लाने की बात कही है। दूसरी ओर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी बताते हैं कि दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह की रिहर्सल और दूसरी तैयारियों के चलते अब किसान आंदोलन स्थलों के आसपास थ्री टियर सुरक्षा व्यवस्था लगाई जाएगी।
दिल्ली पुलिस इसलिए चिंतित
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, अब सभी आंदोलन स्थलों का दायरा कुछ कम किया जा सकता है। इसके लिए किसानों से बातचीत भी संभव है। गणतंत्र दिवस के चलते कोई भी असामाजिक तत्व किसानों की आड़ में अपने मंसूबों को अंजाम दे सकता है।
केंद्रीय अर्धसैनिक बल, दिल्ली पुलिस और इंटेलिजेंस महकमा आंदोलन स्थल के आसपास लगा रहेगा। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात पर अधिक फोकस करेंगी कि किसानों के बीच घुल मिलकर कोई अपराधी दिल्ली में प्रवेश न कर जाए। दिल्ली पुलिस की सबसे बड़ी चिंता यही है। इसके लिए दिल्ली मेट्रो और सीआईएसएफ के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाया जा रहा है। रात के समय राष्ट्रीय राजधानी में किसी भी तरह के उत्पात को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं।
15 जनवरी के बाद ट्रैक्टर रोके जाएंगे
सुरक्षा एजेंसियों के एक अधिकारी ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि विभिन्न राज्यों को अनौपचारिक तौर पर कहा जा रहा है कि वे दिल्ली की तरफ आने वाले ट्रैक्टरों को बीच में कहीं पर रोक लें। अगर 15 जनवरी की बैठक के बाद भी आंदोलन जारी रहता है तो उसके बाद विभिन्न जगहों पर ट्रैक्टरों को रोका जा सकता है।
हरियाणा-यूपी पुलिस का साझा प्लान
इस बारे में हरियाणा और यूपी पुलिस के साथ प्लान साझा किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता की बात ये है कि जब किसानों के ट्रैक्टरों को रोका जाएगा तो पुलिस और किसानों के बीच टकराव संभव है। ये भी तय है कि गणतंत्र दिवस पर समारोह स्थल के आसपास किसानों के ट्रैक्टर किसी भी सूरत में नहीं पहुंचने दिए जाएंगे।
दर्शन पाल बोले, ट्रैक्टर रोके तो सरकार को भोगना होगा खामियाजा
किसान संगठन के नेता दर्शनपाल कहते हैं कि हमने अपने सभी संगठनों से कहा है कि वे 25 जनवरी तक ट्रैक्टरों की भारी संख्या जिला मुख्यालयों तक पहुंचा दें। दिल्ली में जो ट्रैक्टर मार्च होगा, उसमें एक लाख से ज्यादा ट्रैक्टर शामिल होंगे। बलदेव सिंह सिरसा ने बताया कि किसानों का ट्रैक्टर मार्च नहीं रूकेगा। पुलिस ने या किसी दूसरी एजेंसी ने ट्रैक्टरों को जब्त करने का प्रयास किया तो केंद्र सरकार को उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।