मोदी सरकार के नए कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों को 26 जनवरी पर ट्रैक्टर परेड की मंजूरी मिल गई हैं। सिंघु बॉर्डर पर 62 किलोमीटर, टिकरी बॉर्डर पर 63 किलोमीटर और गाजीपुर बॉर्डर पर 46 किलोमीटर ट्रैक्टर परेड पूरी सुरक्षा के साथ निकाली जाएगी।
किसान संगठनों ने तय किया है कोई भी ट्रैक्टर किसी दूसरे ट्रैक्टर को ओवरटेक नहीं करेगा। ऐसा करने की स्थिति में ट्रैक्टर को परेड से बाहर कर दिया जाएगा। इस दौरान लोगों को सड़कों पर आवाजाही में दिक्कत न हो इसके लिए हर 100 मीटर की दूरी पर वॉलेंटियर तैनात किए जाएंगे। जो सुबह से ही मोर्चा संभाल लेंगे। हर बार्डर से निकलने वाली इस परेड के लिए किसानों ने रोडमैप भी तैयार कर लिया है।
किसान नेता हन्नान मौला ने अमर उजाला को बताया कि, परेड़ की शुरुआत सभी स्थानों से एक साथ होगी। सभी स्थानों से किसान यूनियनों के नेता पहले परेड की अगुवाई करेंगे। इसके पीछे पूरा किसानों का जत्था क्रमबद्ध तरीके से चलेगा। ये परेड दोपहर से शुरू होकर देर रात तक चलेगी। हर जगह की परेड की जिम्मेदारी अलग-अलग किसान नेताओं को सौंपी गई हैं।
बुजुर्ग किसान नेता अपने वाहन या ट्रैक्टर मे रहकर अगुवाई करेंगे। कुछ समय बाद बुजुर्गों किसानों के बजाए युवा किसान और वॉलेंटियर इसकी जिम्मेदारी संभालेंगे। सभी अनुशासन और हमारी गाइडलाइन का पालन करेंगे। कोई भी ट्रैक्टर और गाड़ी किसी भी वाहन को ओवरटेक नहीं करेगा।
किसान यूनियन के नेताओं ने ट्रैक्टर परेड में शामिल होने वाले लोगों से 24 घंटे के लिए राशन उपलब्ध रखने के साथ ही परेड के दौरान शांति रखने की अपील की है। सभी किसानों से कहा गया है कोई भी भड़काऊ संदेश वाले बैनर या नारे का प्रयोग नहीं करेगा। कोई भी हथियार या शराब लेकर नहीं चलेगा।
गौरतलब है कि, किसान एक फरवरी को पैदल संसद भवन तक मार्च करेंगे। बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से 15 जनवरी तक चलेगा। एक फरवरी को केंद्र सरकार अपना बजट पेश करेगी।