चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ऋतब्रत गुट को टीएमसी की लीडरशिप, चुनाव चिह्न और हस्ताक्षर करने वालों के बारे में अपने दावे के समर्थन में दस्तावेज जमा करने का आदेश दिया है। इस पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने ऋतब्रत गुट से सवाल पूछे।
टीएमसी सांसद ने क्या कहा?
उन्होंने पीटीआई से बात करते हुए कहा, 'चुनाव आयोग ने नकली गुट और हमारे असली गुट, दोनों के लिए दस्तावेज जमा करने की आखिरी तारीख 6 जुलाई तय की थी। नकली गुट आखिरी समय तक कुछ भी जमा नहीं कर पाया। आम तौर पर, तय दिन पर ही दस्तावेज जमा करने होते हैं, लेकिन वे बाद में कई बार बदलाव करते रहे।
ममता बनर्जी से बड़ा कोई नेता नहीं
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग पार्टी छोड़कर चले गए, वे अब अलग-अलग जगहों पर दफ्तर बना रहे हैं। खुद को असली पार्टी के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। यह बात सभी के लिए बिल्कुल साफ है कि कौन असली है और कौन नकली। हर कोई चुनाव आयोग की सच्चाई जानता है। वे बस मिलकर साजिश रच रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि बंगाल में ममता बनर्जी से बड़ा कोई नेता नहीं है।'
आयुष्मान दिवस पर क्या बोले?
वहीं, पश्चिम बंगाल सरकरा 16 अगस्त को 'आयुष्मान दिवस' मनाएगी। इस पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा,'असल में 'आयुष्मान दिवस' से किसी को कोई फायदा नहीं हो रहा है। पहले 'स्वास्थ्य साथी' स्कीम के तहत, किसी के पास घर, कार या मोटरसाइकिल हो, तब भी उन्हें फंड मिल सकता था। वे प्राइवेट या सरकारी अस्पताल जाकर आसानी से पैसे ले सकते थे।
आयुष्मान भारत के फायदे को लेकर क्या कहा?
उन्होंने आगे कहा कि आयुष्मान भारत स्कीम में कई कमियां हैं। अगर आपके घर में साइकिल, मोटरसाइकिल या टीवी भी है, तो आप फायदा पाने के लिए अयोग्य हो जाते हैं। फायदा पाने वालों की अभी तक कोई सही लिस्ट नहीं बनी है, तो लोग फायदा मिलने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? यह अभी भी 2011-2012 की जनगणना के डेटा पर आधारित है। तब से आबादी बहुत तेजी से बढ़ी है, जिससे मौजूदा सिस्टम बेकार हो गया है। सिर्फ एक चेहरा दिखाने, अखबारों में फोटो छापने, विज्ञापन चलाने और टीवी पर प्रचार वाले वीडियो दिखाने के अलावा, 'आयुष्मान भारत' से किसी को कोई असली फायदा नहीं हुआ है।'