कोरोना वायरस से हो रहे संक्रमण के आंकड़ों को लेकर पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने महाराष्ट्र सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने बीएमसी पर मृत्यु के आंकड़ों को छिपाने का आरोप लगाया है और कहा है ये सरकार सही आंकड़े जनता के सामने नहीं ला रही है। किरीट सोमैया ने कोरोना को नियंत्रित करने में महानगरपालिका को पूरी तरह से असफल बताया है।
सोमैया ने एक पत्रिका को दिए साक्षात्कार में इस बात का खुलासा किया। जब उनसे पूछा गया कि मुंबई महानगरपालिका ने धारावी जैसे झुग्गी क्षेत्र में कोरोना को नियंत्रित करने में सफलता भी पाई है। तो उन्होंने कहा कि मुंबई में बड़ी आबादी कोरोना से संक्रमित है लेकिन प्रशासन सही आंकड़े सबके सामने नहीं रख रहा है।
उनका आरोप है कि राज्य सरकार और बीएमसी कोविड-19 से मरने वालों मरीजों की संख्या को छिपाने की कोशिश कर रही है। सही आंकड़े ना होने पर आम जनता को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महानगरपालिका के आयुक्त ने भी अपने पद की जिम्मेदारी का पूरी तरह से निर्वहन नहीं किया है।
किरीट का आरोप है कि मुंबई में कोरोना के संक्रमित मामले भी ज्यादा हैं और यहां होने वाली मौतों का आंकड़ा भी ज्यादा है। महानगरपालिका और राज्य सरकार की असफलता के कारण कई बेगुनाह लोगों और पुलिसकर्मियों को कोरोना की चपेट में आकर अपनी जान गंवानी पड़ी है।
एक और सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, 'मैंने पूरी लगन और निष्ठा के साथ भारतीय जनता पार्टी की सेवा की है।' उन्होंने कहा कि वो चट्टान की तरह पार्टी के साथ हमेशा खड़े रहे, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है और कई प्रमाण जनता के सामने रखे हैं।
किरीट सोमैया ने कहा कि मुंबई में प्रशासन उचित तरीके से काम नहीं कर रहा है बल्कि लोगों को गलत आंकड़े देकर भटका रहे हैं। किरीट ने कहा कि मुंबई, मीरा रोड, भयंदर, विरार, ठाणे के क्षेत्र के लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।