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नसीरुद्दीन शाह के वीडियो पर सियासी घमासान: रिजिजू बोले- मैं सम्मान करता था, लेकिन वे खतरनाक अर्बन दिमागी नक्सल

Thu, 29 Oct 2026 12:51 PM IST
देवेश त्रिपाठी पीटीआई, नई दिल्ली

सार

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के एक वीडियो ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के विद्यार्थियों का समर्थन करते हुए शाह ने खुद को 'दिमागी नक्सल' बताया और केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने तथा युवाओं का हौसला तोड़ने का आरोप लगाया।
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नसीरुद्दीन शाह के बयान पर रिजिजू की तीखी प्रतिक्रिया - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की आलोचना करते हुए उन्हें 'खतरनाक अर्बन दिमागी नक्सल' बताया है। उन्होंने कहा कि शाह के विचार भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद नुकसानदेह हैं। अभिनेता ने हाल ही में एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
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अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रिजिजू ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि वह पहले नसीरुद्दीन शाह का सम्मान करते थे, लेकिन उन्हें अभिनेता के 'असली चरित्र' के बारे में काफी देर से पता चला।

नसीरुद्दीन शाह ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
इससे पहले मंगलवार को फेसबुक पर साझा किए गए एक वीडियो में अभिनेता शाह ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के विद्यार्थियों का समर्थन किया था। विद्यार्थी छात्र संघ को फिर से बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वीडियो में शाह ने खुद को 'दिमागी नक्सल' बताया। वह वीडियो में गुस्से में नजर आए और उन्होंने अपने बैज को भी कैमरे के सामने दिखाया।
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नसीरुद्दीन शाह ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने और देश के युवाओं का हौसला तोड़ने की कोशिश कर रही है।

किरेन रिजिजू ने की आलोचना
रिजिजू ने अभिनेता की आलोचना करते हुए कहा, "मैं सोचता था कि नसीरुद्दीन शाह सिर्फ एक साधारण अभिनेता हैं। मैं उनका सम्मान करता था और उन्हें पसंद करता था... मुझे कभी नहीं पता था कि वह एक खतरनाक अर्बन दिमागी नक्सल हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "मुझे उनके असली चरित्र के बारे में बहुत देर से पता चला। उनके विचार भारत के लोकतंत्र के लिए बेहद नुकसानदेह हैं।"

'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में पहली बार किया था। उन्होंने ऐसे लोगों को 'दिमागी नक्सल' बताया था, जिनके बारे में आरोप है कि वे व्यवस्था में अपनी जगह बना चुके हैं और नीतियों को प्रभावित करके समाज के लिए खतरा बने हुए हैं।

शिंदे गुट की शिवसेना ने भी नसीरुद्दीन शाह पर साधा निशाना 
शिवसेना नेता शाइना एनसी ने भी गुरुवार को शाह की टिप्पणियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "सवाल यह है कि नसीरुद्दीन शाह एसीपी राठौड़ हैं या 'सरफरोश' के गुलफाम हसन। वह अर्बन नक्सलवाद की बात करते हैं, टुकड़े-टुकड़े गैंग और राष्ट्रविरोधी आंदोलनों का समर्थन करते हैं। पूरे सम्मान के साथ आपसे सवाल है कि क्या आप भारत के समर्थन में नारे लगाने में विश्वास करते हैं या भारत विरोधी नारे लगाने में?"

आमिर खान अभिनीत फिल्म 'सरफरोश' में शाह ने खलनायक और गुप्त ऑपरेटर गुलफाम हसन की भूमिका निभाई थी। वहीं, आमिर खान ने 1999 में आई इस सुपरहिट फिल्म में मुख्य किरदार एसीपी अजय सिंह राठौड़ की भूमिका निभाई थी।

लंबे समय से केंद्र सरकार के विरोध में हैं नसीरुद्दीन शाह
76 वर्षीय शाह लगातार वीडियो साझा कर रहे हैं और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रख रहे हैं। जुलाई में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन से निपटने के सरकार के तरीके की भी उन्होंने आलोचना की थी।

पिछले सप्ताह शाह ने सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान के विद्यार्थियों का भी समर्थन किया था। संस्थान परिसर में हिंसक घटनाओं के विरोध में विद्यार्थी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को साझा किए गए वीडियो में शाह ने कहा, "मैं गर्व से घोषणा करता हूं कि मैं 'दिमागी नक्सल' हूं। मुझे नहीं पता कि पहरेदारों ने मेरे जैसे लोगों को और कौन-कौन से नाम दिए हैं, राष्ट्रविरोधी, 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग और न जाने क्या-क्या।"

उन्होंने आगे कहा, "...मैं इस सरकार से एक सवाल पूछना चाहता हूं... आप हमारे देश के युवाओं का हौसला तोड़ने, शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए और क्या करेंगे? आप कितना करेंगे? आप किस हद तक जाएंगे?"
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