केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे के कारण लगातार गतिरोध बना हुआ है। सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। इसी बीच गुरुवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बातचीत की। रिजिजू ने इस मुलाकात को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष के साथ लगातार संवाद बनाए रखना चाहती है।
क्या राहुल गांधी से वार्ता से खत्म होगा संसद का गतिरोध?
रिजिजू ने बताया कि राहुल गांधी के साथ एक विशेष मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के साथ बेहतर समन्वय चाहती है। रिजिजू के मुताबिक, राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन राष्ट्रीय हित में सभी को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोधी होना दुश्मन होने के बराबर नहीं है।
यह भी पढ़ें: Student Protest: सीएम से वार्ता के लिए छात्रों का प्रतिनिधिमंडल घोषित, जानिए कौन-कौन जाएगा मुख्यमंत्री
लगातार हंगामे से संसद ठप, आखिर किसका हो रहा है नुकसान?
संसदीय कार्य मंत्री ने संसद के लगातार बाधित होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश में यह संदेश जा रहा है कि विपक्ष सदन को चलने ही नहीं देना चाहता। रिजिजू ने सवाल उठाया कि संसद न चलने से आखिर किसका नुकसान हो रहा है। उन्होंने साफ किया कि जनता के मुद्दों पर चर्चा होना बेहद जरूरी है।
गृह मंत्री की मौजूदगी पर उठे सवाल
गृह मंत्री अमित शाह की संसद में उपस्थिति न होने पर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का भी रिजिजू ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री सुबह से शाम तक संसद में मौजूद रहते हैं और उन्होंने सदन में विधेयक भी पेश किए हैं। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि संसदीय नियम के अनुसार जिस मंत्री का विधेयक चर्चा में होता है, वही सदन में उपस्थित रहता है।
रवि शंकर प्रसाद ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस गृह मंत्री अमित शाह को लेकर झूठा माहौल बना रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और खरगे रोज नया पोस्टर और नया आरोप लेकर आते हैं तथा अमित शाह को सदन में बुलाने की मांग करते हैं। जबकि अमित शाह रोज सुबह से शाम तक संसद परिसर में मौजूद रहते हैं और बहस का जवाब देने के लिए तैयार हैं। प्रसाद ने कहा कि पहले सदन चलने दिया जाए, बहस शुरू हो, उसके बाद गृह मंत्री सभी सवालों का जवाब देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित हो रही है और इससे संसद का समय प्रभावित हो रहा है।