नियमों की अनदेखी करते हुए विदेशों से चंदा लेने के मामले में देश की कई गैर-सरकारी संगठन जांच के दायरे में आ गए हैं। इसमें ओलंपियन मैरी कॉम की एनजीओ, सोनिया गांधी की अगुवाई वाली राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट, नासकॉम और एमनेस्टी जैसी संस्थाओं का नाम शामिल है। केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किरण रिजिजू ने यह जानकारी लोकसभा में दी। उन्होंने बताया कि एफसीआरए (विदेशी चंदा विनियमन कानून) के प्रावधानों के उल्लंघन के कई मामले सामने आ रहे हैं। जिसको देखते हुए 42 संगठनों की जांच की जाएगी।
किरण रिजिजू ने बताया कि मैरीकॉम के अलावा कई संगठनों की जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक केरल और अरुणाचल प्रदेश में सक्रिय 15 ईसाई एनजीओ के खातों की भी जांच की जा रही है। रिजिजू ने बताया कि शुरुआती छानबीन के बाद इन संगठनों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक सेंटर फॉर इंटरनेट सोसाइटी, बंगलूरू को भी विदेशी चंदा लेने के मामले में नोटिस जारी किया गया है। इसी संगठन ने पिछले साल 13 करोड़ आधार नंबर लीक होने की जानकारी दी थी।
बता दें कि आयकर की नजर देश के कई वेलफेयर ट्रस्ट और एनजीओ पर टिकी हुई थी। संदेह जताया जा रहा है कि इन संगठनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर काला धन को खपाया जा रहा है। नोटबंदी के बाद इन संस्थाओं की धनराशि तेजी से बढ़ी। जिसको देखते हुए इन ट्रस्ट और
एनजीओ के खातों की निगरानी शुरू की गई। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का कहना है कि आमदनी टैक्स फ्री है लेकिन आमदनी का सोर्स बताना जरूरी है। सरकार को अंदेशा है कि भारत में कई संस्थाएं विदेशी फंड के दम पर भारत विरोधी गतिविधियों को हवा देने का काम कर रही है।