नकवी के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद स्मृति ईरानी को अल्पसंख्यक मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया था। अल्पसंख्यक मंत्रालय प्रभार दिए जाने के बाद स्मृति ईरानी पर तृणमूल कांग्रेस नेता जवाहर ने उनपर तंज कसा था। रिजिजू ने उनके ट्वीट का जवाब दिया है।
स्मृति ईरानी को अल्पसंख्यक मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने पर तृणमूल के राज्यसभा सांसद जवाहर के बयान पर मंगलवार को भाजपा ने पलटवार किया है। केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि लोग तुष्टीकरण की राजनीति और छद्म धर्मनिरपेक्षता की मानसिकता को दूर करेंगे।
विज्ञापन
इस महीने की शुरुआत में राज्यसभा में अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद मुख्तार अब्बास नकवी के इस्तीफा दिया था। अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार स्मृति ईरानी को सौंपा गया। प्रभार केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी को सौंपने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेता जवाहर ने उनपर तीखा हमला बोला। जवाहर सरकार ने एक ट्वीट कर लिखा कि, नकवी के इस्तीफे के बाद स्मृति ईरानी को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया। कट्टर हिंदू स्मृति ईरानी ने एक पारसी से शादी की और उन्हें मुसलमानों, ईसाइयों का प्रभार दिया गया। क्या यही है भाजपा की धर्मनिरपेक्षता का ब्रांड?'
रिजिजू ने जवाहर के ट्वीट के पीछे के तर्क पर आश्चर्य जताया। उन्होंने बताया कि मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसियों को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 की धारा 2 (सी) के तहत अल्पसंख्यक समुदायों के रूप में अधिसूचित किया गया है।