केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर चीन से जुड़े एक 'फर्जी एआई वीडियो' को सोशल मीडिया पर फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे 'विश्वासघात' बताते हुए कांग्रेस पार्टी से देश से माफी मांगने की मांग की है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर देश के खिलाफ 'दुश्मन के दुर्भावनापूर्ण प्रचार' का खुलेआम समर्थन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा चीन से जुड़ा एक 'फर्जी एआई वीडियो' फैलाना 'विश्वासघात' है और यह दुश्मनों के घिनौने कृत्यों के बराबर है। अरुणाचल प्रदेश से सांसद रिजिजू ने कांग्रेस से उस फर्जी एआई वीडियो को फैलाने के लिए माफी की मांग की, जिसमें एक वरिष्ठ सेना अधिकारी के हवाले से दावा किया गया था कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया है।
उन्होंने बिहार के एक कांग्रेस नेता द्वारा एक्स हैंडल पर इस वीडियो को पोस्ट किए जाने को विश्वासघात करार दिया। केंद्रीय मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी कांग्रेस पार्टी भारत के दुश्मनों की ओर से एक घटिया अभियान चला रही है। सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में रिजिजू ने कहा, 'भारतीय सेना की छवि खराब करने के लिए फर्जी एआई वीडियो फैलाने पर कांग्रेस पार्टी को देश से माफी मांगनी चाहिए। यह एक विश्वासघाती कृत्य है और हमारे दुश्मनों के घिनौने कामों के बराबर है। कांग्रेस पार्टी भारत के दुश्मनों का घटिया अभियान चला रही है।'
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भाजपा नेता ने और क्या कहा?
मंगलवार को एक अन्य पोस्ट में मंत्री ने कहा, 'कांग्रेस में इतनी हिम्मत है कि वह देश के खिलाफ दुश्मन के दुष्प्रचार का खुलेआम समर्थन करे और फिर देश से माफी भी न मांगे?' एक्स पर 'इंडियन आर्मी फैक्ट चेक' हैंडल ने भी इस वीडियो को मनगढ़ंत बताकर खारिज कर दिया। इसमें कहा गया है कि एक डिजिटल रूप से बदले गए वीडियो को मनगढ़ंत बयानों के साथ फैलाया जा रहा है। इन बयानों को लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया से जोड़कर पेश किया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के असाफिला, लोंगजू और तक्सिंग सर्कल पर कब्जा कर लिया है और भारतीय सेना को जरूरी आपूर्ति मिलने से रोक दिया गया है।
'इंडियन आर्मी फैक्ट चेक' जारी किया स्पष्टीकरण
'इंडियन आर्मी फैक्ट चेक' हैंडल ने कहा, 'यह भ्रामक वीडियो मनगढ़ंत बयानों को एक वरिष्ठ भारतीय सेना अधिकारी द्वारा लीक की गई स्वीकारोक्ति के रूप में पेश करने की कोशिश करता है।' इस वीडियो में #SyntheticGeneratedInformation (सिंथेटिक रूप से तैयार जानकारी) का इस्तेमाल करके लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया के नाम पर झूठे बयान जोड़े गए हैं। असल फुटेज 27 अक्तूबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में, तत्कालीन जीओसी 28 इन्फैंट्री डिवीजन, मेजर जनरल गिरीश कालिया द्वारा दी गई एक प्रेस ब्रीफिंग की है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश पर चीनी नियंत्रण या भारतीय सेना को सप्लाई रोके जाने के बारे में ऐसा कोई बयान नहीं दिया था।'