Karnataka: कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की सराहना करते हुए कहा कि अगर वे मिलकर काम करेंगे, तो राज्य का विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी हमेशा अच्छे काम करने वालों का समर्थन करती है, उन्हें प्रोत्साहित करती है।
कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से राज्य के विकास को प्राथमिकता देने और मिलकर काम करने का आग्रह किया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने यह बात जेवर्गी में 'कल्याण पथ' परियोजना के शुभारंभ के मौक पर कही। इस परियोजना पर 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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'अच्छा काम करने वालों का समर्थन करती है पार्टी'
खरगे ने शुक्रवार को 16वां बजट पेश करने के लिए सिद्धारमैया की सराहना की और इसे अच्छा बजट बताया। उन्होंने कहा, पार्टी हमेशा अच्छे काम करने वाले व्यक्तियों का समर्थन करती है और उन्हें प्रोत्साहित करती है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के लोग अब इससे लाभान्वित हो रहे हैं। खरगे ने उर्जा मंत्री, सिंचाई मंत्री और राज्य कांग्रेस प्रमुख के रूप में किए गए पिछले कार्यों को लेकर शिवकुमार की भी तारीफ की। उन्होंने पार्टी, सरकार और जनता की सेवा के प्रति शिवकुमार के समर्पण को स्वीकार किया।
खरगे ने सिद्धारमैया और शिवकुमार की तारीफ की
उन्होंने कहा, 'मैं सिद्धारमैया और शिवकुमार दोनों की तारीफ करता हूं। आप दोनों को मिलकर राज्य के विकास पर फोकस करना चाहिए। अगर हम विकास को नजरअंदाजर करेंगे, तो लोग हमें पसंद नहीं करेंगे।' खरगे ने कहा कि अगर शिवकुमार और सिद्धारमैया मिलकर काम करेंगे तो काम सफल होगा। उन्होंने हाथ से इशारा करते हुए कहा, अगर वे अलग-अलग रहेंगे, तो यह मुश्किल होगा। हम चाहते हैं कि वे एक ही दिशा में आगे बढ़ें।
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सियासी गलियारे में रोटेशनल मुख्यमंंत्री की अटकलें
राज्य के राजनीतिक हलकों में इस साल के अंत में रोटेशनल मुख्यमंत्री या पावर शेयर व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं। कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख शिवकुमार मुख्यमंत्री बनने के प्रबल दावेदार हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री बनने की अपनी महत्वकांक्षा को छिपाया भी नहीं है। जबकि कुछ कांग्रेस नेताओं ने शिवकुमार को जल्द मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन किया है। वहीं, सिद्धारमैया के करीबी माने जाने वाले कई मंत्रियों और नेताओं ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया है और कहा है कि मौजूदा मुख्यमंत्री अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।