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'नई योजना बेअसर': वीबी-जी राम जी कानून पर खरगे ने सरकार को घेरा, कहा- मनरेगा कमजोर कर मजदूरों को छोड़ा बेसहारा

Mon, 30 Mar 2026 04:36 PM IST
Himanshu Singh Chandel न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर मनरेगा को कमजोर करने और मजदूरों का काम का अधिकार खत्म करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नई वीबी-जी राम जी योजना जमीन पर नहीं दिख रही। कई राज्यों में काम बंद होने की शिकायतें हैं। सीएजी रिपोर्ट में भी कमियां सामने आई हैं।
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मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस अध्यक्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने मनरेगा के तहत मिलने वाले काम के अधिकार को खत्म कर दिया और नई घोषित योजना का जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं दिख रहा। खरगे ने कहा कि इससे लाखों मजदूरों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।

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खरगे ने कहा कि सरकार ने जिस वीबी-जी-राम जी योजना का प्रचार किया। वह जमीन पर कहीं दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर कोविड काल की बात करते हैं, लेकिन यह भूल जाते हैं कि उसी समय मनरेगा ने लाखों मजदूरों को राहत दी थी। अब हालात यह हैं कि कई राज्यों में काम बंद होने की शिकायतें आ रही हैं।

क्या मनरेगा में काम बंद होने के आरोप हैं?
खरगे ने कहा कि बिहार के मुजफ्फरपुर में पिछले 87 दिनों से 12,000 मजदूर काम न मिलने के कारण प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से भी मनरेगा के काम रुकने की खबरें सामने आ रही हैं। कुछ जगहों पर अधिकारियों को नए काम शुरू न करने के निर्देश मिलने की भी बात कही जा रही है।
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वीबी-जी राम जी योजना का जमीनी असर कितना?
कांग्रेस का आरोप है कि 21 दिसंबर 2025 को अधिसूचित की गई वीबी-जी राम जी योजना का कोई असर नहीं दिख रहा है। खरगे ने कहा कि सरकार ने इसका खूब प्रचार किया, लेकिन मजदूरों को इसका कोई फायदा नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुरानी योजना कमजोर की जा रही है, तो नई योजना लागू क्यों नहीं हो रही।

क्या सीएजी रिपोर्ट में भी सामने आई कमियां?
खरगे ने महाराष्ट्र की सीएजी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले पांच साल में मनरेगा के तहत स्वीकृत कामों में से 53 प्रतिशत से भी कम पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि करीब 2.5 लाख काम ऐसे हैं, जो शुरू ही नहीं हो पाए। इससे यह साफ होता है कि योजना को कमजोर किया गया है।

क्या मजदूरों की हालत और खराब हुई है?
खरगे ने कहा कि एलपीजी की कमी और उद्योगों की खराब स्थिति के कारण कई मजदूर शहरों से गांव लौटने को मजबूर हुए हैं। लेकिन गांव में भी उन्हें काम नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इससे मजदूरों की आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है।
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सरकार पर क्या है मुख्य आरोप?
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार ने मनरेगा को कमजोर कर दिया है और मजदूरों के अधिकार छीन लिए हैं। खरगे ने कहा कि कोविड जैसे मुश्किल समय में मनरेगा ने लोगों को सहारा दिया था, लेकिन अब सरकार उस व्यवस्था को खत्म कर रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि मनरेगा और रोजगार का मुद्दा आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। ग्रामीण इलाकों में काम और आय की कमी का असर चुनावी माहौल पर भी पड़ सकता है।

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