कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब लोगों से 'जीने का अधिकार भी खत्म करना चाहती है'।
मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या आरोप लगाया?
खरगे ने एक्स पर लिखा, वोट के अधिकार को छीनने पर उतारू मोदी सरकार अब जीवन जीने के अधिकार को भी खत्म करना चाहती है। त्योहारों के बीच कमरतोड़ महंगाई कमाई की एक-एक पाई निगल रही है।
आंकड़ों का हवाला देकर क्या कहा?
खरगे ने जोर देकर कहा कि 'आंकड़े सच बताते हैं'। उन्होंने दावा किया कि खाद्य महंगाई दर 2.13 प्रतिशत से बढ़कर 7.74 प्रतिशत हो गई है। परिवारों पर कर्ज 36.7 प्रतिशत बढ़ गया है। वहीं, परिवारों की वित्तीय बचत में 4 प्रतिशत की गिरावट आई है। खुदरा महंगाई दर 5.54 प्रतिशत रही है। जबकि थोक महंगाई दर 11.39 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
उन्होंने एक तालिका भी साझा की। इसमें मई 2014 से अक्टूबर 2026 तक जरूरी चीजों की कीमतों में आए अंतर को दिखाया गया है। तालिका के अनुसार, प्याज की खुदरा कीमत 23 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 53.32 रुपये प्रति किलो हो गई। इसमें 131.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं, टमाटर की कीमत 17.50 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 39.62 रुपये प्रति किलो हो गई। इसमें 126.40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। सरसों के तेल की कीमत में 103.73 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसकी कीमत 102 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 207.80 रुपये प्रति लीटर हो गई।
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भाजपा के पुराने विज्ञापन पर क्या बोले खरगे?
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा, आज सत्ता में रहकर धरने पर बैठी भाजपा और मोदी जी को बेतुकी भाषणबाजी से कभी समय मिले तो 2014 से पहले 'बहुत हुई महंगाई की मार' वाला भाजपा विज्ञापन भी दोबारा देख लें। उन्होंने आगे दावा किया कि 'अच्छे दिन' की उम्मीद में जनता ने 12 साल गंवा दिए हैं।
एसआईआर के खिलाफ विपक्ष की आंदोलन की तैयारी
खरगे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्ष मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के खिलाफ अभियान चला रहा है।
इस बीच, कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन इंडिया एक नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की योजना बना रहा है। यह मार्च निर्वाचन आयोग के खिलाफ होगा। इसके जरिये मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी।