चीन सीमा पर पर तैनात आईटीबीपी के जवानों को अब शुद्ध सरसों के तेल में बना हुआ खाना मिलेगा। यह तेल किसी निजी कंपनी का नहीं होगा, बल्कि खादी विकास और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की तरफ से सप्लाई किया जाएगा। इसके लिए शुक्रवार को आईटीबीपी और केवीआईसी के बीच समझौता हुआ है।
इसके तहत केवल खाने में इस्तेमाल होने वाला तेल ही नहीं, बल्कि कई दूसरे सामान भी केवीआईसी से खरीदे जाएंगे। आईटीबीपी और केवीआईसी के बीच नई दिल्ली में प्रथम उत्पाद के तौर पर सरसों के तेल की आपूर्ति के लिए अंतिम औपचारिकताएं पूरी की गईं।
केवीआईसी के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना और आईटीबीपी मुख्यालय के प्रोविजनिंग ऑफिस से वरिष्ठ अधिकारियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। समझौते के अनुसार आईटीबीपी जवानों के लिए कुल 1 करोड़ 72 लाख 80 हजार रुपये की लागत से 12 सौ क्विंटल सरसों के तेल की खरीद की गई है।
आईटीबीपी का यह कदम केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सर्वप्रथम है। बल के पीआरओ विवेक पांडे के अनुसार, इस समझौते से केंद्रीय सशस्त्र बलों को केवीआईसी के माध्यम से भविष्य में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का नया मार्ग प्रशस्त हो गया है।
महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर अक्टूबर, 2019 में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में संपन्न हुई केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा ज्यादा से ज्यादा संख्या में खादी से बनी वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके अलावा खादी के अन्य उत्पाद भी प्रयोग में लाए जाएंगे। आईटीबीपी मुख्यालय में पिछले साल दिसंबर में गृहमंत्री के दौरे के दौरान बल कर्मियों की तरफ से इन उत्पादों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसी क्रम में अब आईटीबीपी और केवीआईसी के बीच प्रथम उत्पाद के तौर पर सरसों के तेल की आपूर्ति के लिए समझौते पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
भविष्य में केवीआईसी के माध्यम से दरी, कंबल और तौलिये आदि की खरीद की जाएगी। इन उत्पादों की प्रक्रियाओं पर लगातार बातचीत जारी है। आईटीबीपी, सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए कुल 2.5 लाख दरी की खरीदारी केवीआईसी के माध्यम से करने जा रही है।
इनकी अनुमानित लागत लगभग 17 करोड़ रुपये होगी। ऐसी संभावना है कि आने वाले कुछ समय में योगा किट और अचार के अलावा अन्य कई उत्पादों की खरीद भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल केवीआईसी से ही करेंगे।