फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Khabron Ke Khiladi: स्वतंत्रता सेनानियों पर राहुल गांधी को मिली सुप्रीम 'फटकार'? विश्लेषकों ने बताए इसके मायने

Sat, 26 Apr 2025 05:04 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

स्वतंत्रता सेनानी वीडी सावरकर के मुद्दे पर टिप्पणियों को लेकर राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सीख और चेतावनी दी गई है। इस मुद्दे पर इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में चर्चा हुई। 
विज्ञापन
खबरों के खिलाड़ी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को विनायक दामोदर सावरकर पर उनकी गैरजिम्मेदाराना टिप्पणी के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। हालांकि, शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश में उनकी टिप्पणी के लिए दर्ज मामले में राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई पर रोक लगा दी। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी मुद्दे पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, समीर चौगांवकर, सुनील शुक्ल, पूर्णिमा त्रिपाठी, हर्षवर्धन त्रिपाठी और अवधेश कुमार मौजूद रहे। 
विज्ञापन


हर्षवर्धन त्रिपाठी: राहुल गांधी का संकट है कि 20 साल से वो सांसद हैं। 10 साल उनकी मां सुपर पीएम रहीं। अब उनको लगता है कि देश में नया नरेटिव कैसे गढ़े। कभी वो जाति के नाम पर बांटते हैं, कभी उत्तर-दक्षिण करते हैं। अब वो कहते हैं कि मैं राहुल गांधी हूं  राहुल सावरकर नहीं हूं। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें लताड़ तो लगाई पर बचा लिया। सर्वोच्च न्यायालय ने राहुल को उनकी दादी की याद दिलाई। मैं कई बार कह चुका हूं कि इस देश के नायक किसी पार्टी के नहीं हो सकते हैं। आजादी के नायकों को इस तरह से चिह्नित नहीं कर सकते हैं। 

SC: 'स्वतंत्रता सेनानियों पर टिप्पणी करने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी', सावरकर विवाद पर राहुल को फटकार

पूर्णिमा त्रिपाठी: राहुल गांधी ने गलतियां की उसी वजह से उनकी पार्टी सत्ता से बाहर है। हर गलती का ठीकरा हम नेहरू जी के ऊपर फोड़ते हैं। संविधान की धज्जियां इंदिरा गांधी ने उड़ाई ये ठीक है, लेकिन उसी संविधान के प्रावधानों के तहत ही उन्होंने आपताकाल लगाया था। ये कह देना कि सत्ता कब्जाने के लिए गांधी परिवार कुछ भी कर सकता है ये कहां तक ठीक है?

समीर चौगांवकर: राहुल गांधी लगातार ये चीजें करते रहते हैं। सावरकर के खिलाफ वो लगातार बोलते रहे हैं। राहुल गांधी को यह भी देखना होगा कि उनकी दादी इंदिरा गांधी ने ही सावरकर के ऊपर डाक टिकट जारी किया था। सावरकर पर जो सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म बनवाई थी वो फिल्म कांग्रेस की सरकार के सूचना प्रसारण मंत्री वसंत साठे ने बनवाई थी। राहुल गांधी बार-बार सुप्रीम कोर्ट से डांट भी खाते हैं। 

सुनील शुक्ल: आजादी का जो इतिहास रहा है उसका जिक्र करना कहां से गलत है। जवाहर लाल नेहरू के बारे में क्या-क्या नहीं कहा जाता है? उस पर किसी ने कोई संज्ञान नहीं लिया। महात्मा गांधी के बारे में क्या कहा गया? कौन लोग हैं जो गोड़से की पूजा करते हैं? निश्चित रूप से राष्ट्र के नायकों के बारे में बात करते हुए इस तरह की चीजे नहीं होनी चाहिए, लेकिन ये तथ्य है कि सावरकर ने माफी मांगी थी। 
 
विज्ञापन

अवधेश कुमार: आजाद भारत के इतिहास में किसी भी विपक्ष के बड़े नेता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह की टिप्पणी कभी नहीं की। तथ्यों के आधार पर किसी भी आलोचना में कोई बुराई नहीं है। लेकिन तथ्यों से परे किसी का चरित्र हनन करना कहीं से उचित नहीं है। 

विनोद अग्निहोत्री: सेलुलर जेल में सबसे ज्यादा कौन रहा? सबसे ज्यादा 23 साल पंडित परमानंद रहे थे। जबकि, सावरकर 10 साल सेलुलर जेल में रहे थे। सार्वजिनक विमर्श में किसी भी स्वतंत्रता सेनानी पर इस तरह की बहस नहीं होनी चाहिए। ये काम इतिहासकारों, शिक्षाविदों पर छोड़ देना चाहिए। नेताओं को देश की वर्तमान स्थितियों पर और भविष्य पर बहस करनी चाहिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें