विनोद अग्निहोत्री: पहलगाम की घटना एक आतंकी घटना थी। उससे इस तरह के विवाद को जोड़ना कहीं से भी ठीक नहीं है। पहचान बताना विवाद का विषय नहीं है, पहचान छुपाने में ऐतराज है। यह मुद्दा सिर्फ पश्चिमी यूपी में क्यों उठता है ये भी गौर करने वाली बात है, जबकि पूरे देश के अलग-अलग इलाको में कांवड़ निकाली जाती हैं। जांच का काम सरकारी एजेंसियों का है, न कि कोई भी व्यक्ति जाए और दुकानदार से उसका नाम और कागज दिखाने को कहे।
अवधेश कुमार: यह इतना सरल नहीं है, ये किसी आम आदमी के भोजन का विषय नहीं है। ये ऐसा है कि अपनी साधना और धर्म की पवित्रता बनाए रखने के लिए अगर कुछ लोग काम कर रहे हैं तो वो गलत हो गया और जो छद्म रूप से ये कर रहे हैं वो दया के पात्र हैं तब तो फिर हो गया? हमारे यहां हर चीज में शुचिता का ध्यान रखा जाता है। उस शुचिता को हमारे यहां कुछ लोग नहीं समझ रहे हैं।