राकेश शुक्ल: उत्तर प्रदेश में राहुल और अखिलेश तो थे। लेकिन बिहार में कांग्रेस ने दूसरा लड़का भेज दिया है। वो कन्हैया कुमार हैं। जो राजद को हजम नहीं हो रहे हैं। बिहार में जो खींचतान चल रही है वो तब स्पष्ट होगी, जब दोनों गठबंधनों की तस्वीर साफ होगी। इससे पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
अवधेश कुमार: 2015 में सीमांचल से महागठबंधन की 15 सीटें आईं थीं। वहीं, 2020 में ये घटकर सात सीटें रह गईं। पांच सीटें ओवैसी की पार्टी के खाते में गईं। इसके साथ ही उन्होंने महागठबंधन को बड़ा नुकसान पहुंचाया। 2020 में जदयू को मुस्लिम वोट मिले ही नहीं थे। दूसरा राजद और कांग्रेस साथ होते हुए भी आपस में मुस्लिम वोट के लिए लड़ाई है। तेजस्वी यादव का बयान आग लगाऊ भाषण था। केंद्र के कानून को चुनाव जीतने लिए इस तरह का बयान देना गलत है।