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कर्नाटक में अकेले चुनाव लड़ेगी कांग्रेस, पार्टी नेता ने कहा- गठबंधन से हुआ नुकसान

Mon, 24 Jun 2019 12:21 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
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केएच मुनियप्पा - फोटो : ANI
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कर्नाटक में करारी हार मिलने के बाद कांग्रेस आत्ममंथन कर रही है। कंग्रेस नेता इस हार के पीछे राज्य में जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के साथ गठबंधन को बड़ी वजह मान रहे हैं। वीरप्पा मोइली के बाद केएच मुनियप्पा ने कांग्रेस की हार के पीछे जेडीएस गठबंधन को बड़ी वजह माना है।

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कांग्रेस नेता केएच मुनियप्पा ने कोलार में रविवार को कहा, गठबंधन न केवल कांग्रेस बल्कि जेडीएस के लिए भी महंगा साबित हुआ है। हमने एचडी देवगौड़ा जैसे नेता को हारते हुए देखा। हमें भविष्य के लिए संशोधन करने होंगे। हम गठबंधन सरकार चलाएंगे लेकिन स्थानीय निकाय चुनाव अकेले-अकेले लड़ेंगे।
 


यह पहली बार नहीं है जब कर्नाटक में गठबंधन सरकार के बीच मनमुटाव की खबरें सामने आ रही हैं। हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा ने राज्य में मध्यवधि चुनाव कराए जाने की आशंका जाहिर की थी। उन्होंने कहा था, 'इसमें कोई संदेह नहीं है कि मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं। उन्होंने कहा था कि वह पांच सालों तक हमारा समर्थन करेंगे लेकिन अब उनके व्यवहार को देखिए। हमारे लोग स्मार्ट हैं।'
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हालांकि अपने इस बयान के कुछ देर बाद ही पूर्व प्रधानमंत्री पलट गए और कहा कि राज्य में चार साल गठबंधन की सरकार चलेगी। बाद में उन्होंने कहा था, 'मैंने वह स्थानीय निकाय के चुनाव के लिए कहा था विधानसभा चुनाव के लिए नहीं। मैं यहां अपनी पार्टी को बनाने के लिए आया हूं। जैसा कि कुमारस्वामी ने जिक्र किया सरकार अगले चार सालों तक कायम रहेगी। कांग्रेस और जेडीएस के बीच यह सहमति बनी हुई है।'

देवगौड़ा ने उन रिपोर्ट्स से भी इनकार किया है जिसमें कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस लेने के लिए कहा था। उन्होंने कहा था कि गठबंधन से उनकी पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुंच रहा है। जिसका नतीजा लोकसभा चुनाव में पार्टी को केवल एक सीट पर मिली जीत है।

पिछले साल मई में कर्नाटक में विधानसभा चुनाव हुए थे। राज्य में जनता ने किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं दिया जिसके कारण त्रिशंकु सरकार की स्थिति बनी। विधानसभा की 225 सीटों में से भाजपा को 104 पर जीत मिली थी। यह आंकड़ा बहुमत से नौ कम है। कांग्रेस को 80 और जेडीएस ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की। 23 मई को कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन ने राज्य में अपनी सरकार बनाई। कांग्रेस ने जेडीएस को बिना शर्त समर्थन दिया है।

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